Ranchi News : राज्य के अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ उपलब्ध कराने से संबंधित जनहित याचिका का झारखंड हाई कोर्ट ने निष्पादन कर दिया है। अदालत ने कहा कि यदि सरकार के संकल्प का गजट नोटिफिकेशन अब तक जारी नहीं हुआ है तो उसे शीघ्र प्रकाशित किया जाए।
स्वास्थ्य बीमा योजना पर हाई कोर्ट की अहम टिप्पणी
मामले की सुनवाई चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ में हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि सरकार के संकल्प के तहत अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ दिया जा रहा है और एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के सदस्य इस योजना से लाभान्वित हो रहे हैं।
मुख्य मांग पूरी होने पर याचिका का निपटारा
अदालत ने कहा कि याचिकाकर्ता की मुख्य मांग पूरी हो चुकी है, इसलिए जनहित याचिका को आगे जारी रखने का कोई औचित्य नहीं है। हालांकि अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि यदि इस संबंध में गजट नोटिफिकेशन लंबित है तो उसे जल्द जारी किया जाए।
सभी अधिवक्ताओं को योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी
सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से अधिवक्ता शादाब अंसारी ने पक्ष रखा। पूर्व की सुनवाई में यह मुद्दा उठाया गया था कि स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ केवल एडवोकेट वेलफेयर ट्रस्टी कमेटी के लगभग 15 हजार सदस्यों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि राज्य के सभी अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को भी इसका लाभ मिलना चाहिए।
राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि सभी अधिवक्ताओं को ट्रस्टी कमेटी का सदस्य बनाकर उन्हें स्वास्थ्य बीमा योजना से जोड़ने की प्रक्रिया जारी है।
मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद लिया गया था निर्णय
गौरतलब है कि हेमंत सोरेन ने अधिवक्ताओं के साथ संवाद कार्यक्रम के दौरान उन्हें स्वास्थ्य और जीवन बीमा योजना से जोड़ने का आश्वासन दिया था। इसके बाद राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम उठाते हुए योजना को लागू करने का निर्णय लिया था।
अधिवक्ताओं को मिलेगा व्यापक लाभ
सरकार की पहल और हाई कोर्ट के निर्देश के बाद राज्य के अधिक से अधिक अधिवक्ताओं को स्वास्थ्य बीमा योजना का लाभ मिलने का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है। इससे अधिवक्ताओं और उनके परिवारों को स्वास्थ्य संबंधी सुरक्षा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।