संसद और पार्टी दोनों से इस्तीफा देकर बढ़ाई राजनीतिक हलचल
जानकारी के मुताबिक सुखेंदु शेखर रॉय ने सोमवार को राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने का फैसला लिया. बताया जा रहा है कि उन्होंने उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन से मुलाकात कर अपना इस्तीफा सौंप दिया. इसके बाद उन्होंने तृणमूल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया.
सूत्रों के अनुसार उन्होंने अपना इस्तीफा मुख्यमंत्री और पार्टी प्रमुख ममता बनर्जी को ईमेल के माध्यम से भेजा. उनके इस फैसले के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें तेज हो गई हैं.
दिल्ली में ममता की मौजूदगी के बीच सामने आया बड़ा फैसला
सुखेंदु शेखर रॉय का इस्तीफा ऐसे समय में आया है जब ममता बनर्जी और अभिषेक बनर्जी इंडिया गठबंधन की महत्वपूर्ण बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली पहुंचे हुए हैं. बताया जा रहा है कि सुखेंदु रॉय भी फिलहाल दिल्ली में ही मौजूद हैं.
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे समय में वरिष्ठ सांसद का इस्तीफा पार्टी नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है. खासकर तब, जब पार्टी पहले से संगठनात्मक चुनौतियों का सामना कर रही है.
लंबे समय तक ममता के करीबी रहे सुखेंदु रॉय को लेकर बढ़ीं अटकलें
सुखेंदु शेखर रॉय को लंबे समय से ममता बनर्जी के भरोसेमंद नेताओं में गिना जाता रहा है. ऐसे में उनके अचानक इस्तीफा देने के फैसले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं.
राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि वह आगे चलकर किसी दूसरे खेमे के साथ जा सकते हैं. कुछ अटकलें उन्हें ऋतब्रत बनर्जी के गुट से भी जोड़ रही हैं. हालांकि इस संबंध में अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है और न ही सुखेंदु रॉय ने अपने अगले राजनीतिक कदम को लेकर कोई स्पष्ट संकेत दिया है.