Badlapur Metro 14 Project: ठाणे जिले के बदलापुर, शीलफाटा और आसपास के तेजी से विकसित हो रहे इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए राहत भरी खबर है. लंबे समय से चर्चा में रही कांजुरमार्ग से बदलापुर तक प्रस्तावित मेट्रो 14 परियोजना को लेकर मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण ने अहम फैसला लिया है. करीब 18 हजार करोड़ रुपये की इस महत्वाकांक्षी परियोजना को अब दो चरणों में पूरा किया जाएगा. इस फैसले से परियोजना को जमीन पर उतारने की प्रक्रिया तेज होने की उम्मीद बढ़ गई है.
पहले बदलापुर तक पहुंचेगी मेट्रो, कांजुरमार्ग कनेक्टिविटी के लिए करना होगा इंतजार
नई योजना के तहत परियोजना के पहले चरण में शीलफाटा से बदलापुर तक मेट्रो लाइन का निर्माण किया जाएगा. वहीं कांजुरमार्ग तक सीधी कनेक्टिविटी देने वाले हिस्से पर दूसरे चरण में काम होगा. अधिकारियों का मानना है कि पर्यावरणीय और तकनीकी चुनौतियों को देखते हुए परियोजना को चरणबद्ध तरीके से पूरा करना ज्यादा व्यावहारिक होगा.
यही वजह है कि फिलहाल बदलापुर और आसपास के इलाकों को प्राथमिकता देते हुए पहले चरण की तैयारी आगे बढ़ाई जा रही है. हालांकि मुंबई के मुख्य हिस्सों से सीधी मेट्रो कनेक्टिविटी का सपना पूरा होने में अभी कुछ और समय लग सकता है.
लोकल ट्रेनों की भीड़ कम करने में अहम भूमिका निभाएगी परियोजना
मेट्रो 14 को मुंबई महानगर क्षेत्र की सबसे महत्वपूर्ण परिवहन परियोजनाओं में से एक माना जा रहा है. बदलापुर, शीलफाटा, महापे, घणसोली और निलजे जैसे तेजी से विकसित हो रहे इलाकों को बेहतर सार्वजनिक परिवहन सुविधा देने का उद्देश्य इसके पीछे है.
विशेषज्ञों का मानना है कि परियोजना पूरी होने के बाद रोजाना लोकल ट्रेनों पर निर्भर रहने वाले हजारों यात्रियों को राहत मिलेगी. इससे सड़क यातायात का दबाव भी कम होगा और उपनगरों से मुंबई आने जाने वाले लोगों का सफर अधिक सुविधाजनक बन सकेगा.
पीपीपी मॉडल नहीं आया काम, अब खुद संसाधन जुटाएगा एमएमआरडीए
शुरुआत में इस 43.69 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर को सार्वजनिक निजी भागीदारी मॉडल के तहत विकसित करने की योजना बनाई गई थी. इसके लिए इच्छुक कंपनियों से अभिरुचि प्रस्ताव भी मांगे गए थे.
हालांकि निजी निवेशकों की अपेक्षित भागीदारी नहीं मिलने के कारण इस मॉडल को आगे नहीं बढ़ाया जा सका. पर्याप्त प्रतिसाद नहीं मिलने पर एमएमआरडीए को निविदाएं रद्द करनी पड़ीं. इसके बाद प्राधिकरण ने परियोजना को इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन मॉडल के तहत विकसित करने का फैसला लिया है. इस व्यवस्था में परियोजना के लिए आवश्यक वित्तीय संसाधन स्वयं जुटाए जाएंगे.
पहले चरण में बनेगा 25 किलोमीटर लंबा कॉरिडोर
नई रूपरेखा के अनुसार पहले चरण में शीलफाटा से बदलापुर तक करीब 25 किलोमीटर लंबे मेट्रो मार्ग का निर्माण किया जाएगा. इस हिस्से का लगभग 10 किलोमीटर भाग पहले से प्रस्तावित कल्याण शीलफाटा मेट्रो 12ए कॉरिडोर के समानांतर रहेगा.
इस रणनीति से निर्माण लागत कम होने के साथ साथ परियोजना को तेजी से आगे बढ़ाने में भी मदद मिलने की संभावना है. पहले चरण के पूरा होने के बाद बदलापुर और आसपास के इलाकों के लोगों को आधुनिक और तेज सार्वजनिक परिवहन सुविधा उपलब्ध हो सकेगी.
ठाणे खाड़ी के नीचे सुरंग बनाना सबसे बड़ी चुनौती
परियोजना का दूसरा चरण शीलफाटा से कांजुरमार्ग तक विकसित किया जाएगा. यही हिस्सा सबसे अधिक जटिल और चुनौतीपूर्ण माना जा रहा है. इस चरण में ठाणे खाड़ी के नीचे सुरंग बनाकर मेट्रो लाइन को आगे बढ़ाया जाएगा.
विशेषज्ञों के अनुसार खाड़ी के नीचे सुरंग निर्माण के दौरान भूगर्भीय परिस्थितियों, पर्यावरण संरक्षण और यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े कई पहलुओं पर विशेष ध्यान देना होगा. यही कारण है कि इस हिस्से को लेकर विस्तृत अध्ययन और तकनीकी मूल्यांकन की प्रक्रिया अपनाई जा रही है.
आर्थिक व्यवहार्यता और डीपीआर का होगा नया आकलन
एमएमआरडीए ने परियोजना की आर्थिक व्यवहार्यता, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट और भविष्य में संभावित यात्री संख्या का नए सिरे से अध्ययन कराने का फैसला किया है. इसके लिए विशेषज्ञ सलाहकार की नियुक्ति प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच चुकी है.
नियुक्त सलाहकार पुराने अध्ययन की समीक्षा करेगा, संभावित कमियों की पहचान करेगा और परियोजना को अधिक व्यवहारिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के सुझाव देगा. इसके आधार पर नई रूपरेखा तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू की जाएगी.
मेट्रो 14 परियोजना को दो चरणों में पूरा करने का फैसला बदलापुर और आसपास के क्षेत्रों के लाखों यात्रियों के लिए सकारात्मक संकेत माना जा रहा है. भले ही कांजुरमार्ग तक सीधी मेट्रो सेवा शुरू होने में अभी समय लगे, लेकिन पहले चरण के तहत बदलापुर तक मेट्रो पहुंचाने की दिशा में कदम बढ़ने से क्षेत्र की कनेक्टिविटी को नई मजबूती मिलेगी. परियोजना पूरी होने के बाद मुंबई महानगर क्षेत्र की परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है और रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को काफी राहत मिलने की उम्मीद है.