Garhwa: बरसात शुरू होने से पहले ही गढ़वा जिले से एक बेहद परेशान करने वाली खबर आ रही है। यहां पिछले दो दिनों के भीतर नदी-तालाबों में डूबने की वजह से दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों की असमय मौत हो गई। इन हादसों के बाद से ही पूरे इलाके में गम का माहौल है। स्थानीय गोताखोरों और पुलिस की मदद से दोनों शवों को पानी से बाहर निकाला जा सका। इस तरह की घटनाओं ने एक बार फिर नदी और तालाबों के पास सुरक्षा के इंतजामों की पोल खोल कर रख दी है।
पिकनिक मनाने गए युवक की वाटर फॉल में गई जान
पहला हादसा धुरकी थाना क्षेत्र के मशहूर पर्यटन स्थल सुखलदारी जलप्रपात पर हुआ। यहां अपने दोस्तों के साथ घूमने और नहाने आया एक नौजवान गहरे पानी के भंवर में फंस गया। देखते ही देखते वह आँखों के सामने से ओझल हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय गोताखोरों ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया। पानी गहरा होने के कारण शव को ढूंढने में करीब 18 से 20 घंटे का लंबा वक्त लग गया। जब युवक की लाश बाहर आई, तो परिजनों की चीख-पुकार से पूरा इलाका दहल उठा।
सधवा आहर में डूब गया 10 साल का मासूम
दूसरी घटना मेराल थाना इलाके के हासनदाग गाँव की है। यहाँ 10 साल का सुजीत चौधरी अपने हमउम्र दोस्तों के साथ गाँव के ही सधवा आहर तालाब में नहाने गया था। बच्चे खेलते-खेलते गहरे पानी की तरफ चले गए, जहाँ सुजीत खुद को संभाल नहीं पाया और डूब गया। बाकी बच्चों को इस बात का अंदाजा तब हुआ जब वे बाहर निकले और सुजीत उन्हें कहीं दिखाई नहीं दिया। डरे हुए बच्चों ने तुरंत भागकर घर पर इसकी जानकारी दी।
मातम में बदला घर का माहौल
खबर मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और रोते-बिलखते परिजन तालाब की तरफ भागे। लोगों ने पानी में काफी खोजबीन के बाद सुजीत को बाहर निकाला, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और बच्चे की धड़कनें रुक चुकी थीं। इस मासूम की मौत के बाद से पूरे गाँव में सन्नाटा पसरा हुआ है। ये दोनों घटनाएं चेतावनी हैं कि जलस्रोतों के पास थोड़ी सी भी अनदेखी जानलेवा साबित हो सकती है।