Dumka News: झारखंड के दुमका जिले में तबादले से नाराज एक लिपिक की कथित दबंगई का मामला सामने आया है। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के आदेश पर स्थानांतरित किए गए लिपिक निशांत कुमार सिंह पर अपने ही सहकर्मी को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी देने का आरोप लगा है। मामले को गंभीर मानते हुए प्रशासन ने कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
धमकी का आरोप
शिकायत के अनुसार, फूलो झानो मेडिकल कॉलेज अस्पताल से स्थानांतरित किए गए निशांत कुमार सिंह ने सिविल सर्जन कार्यालय में कार्यरत लिपिक राजशेखर पांडेय को कथित तौर पर हाथ-पैर तोड़ देने की धमकी दी। इतना ही नहीं, आरोप है कि उन्होंने कहा कि यदि उनका तबादला रद्द नहीं हुआ और उनकी जगह किसी अन्य कर्मचारी ने योगदान दिया, तो उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल की छत से नीचे फेंक दिया जाएगा।
शिकायत के बाद हरकत में प्रशासन
धमकी मिलने के बाद राजशेखर पांडेय ने सिविल सर्जन को लिखित शिकायत सौंपकर सुरक्षा की मांग की। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन डॉ. कमलेश्वर प्रसाद ने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को पत्र भेजकर आवश्यक कानूनी कार्रवाई का अनुरोध किया है। मामले की सूचना उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी को भी दे दी गई है।
कार्यालय के माहौल पर असर की आशंका
6 जून 2026 को जारी पत्र में सिविल सर्जन ने कहा कि इस तरह की धमकियों से कार्यालय का माहौल प्रभावित हो सकता है और शांति व्यवस्था भंग होने की आशंका है। वहीं, पीड़ित कर्मचारी ने चिकित्सा एवं जन स्वास्थ्य कर्मचारी संघ की जिला शाखा को भी घटना की जानकारी देते हुए सुरक्षा और दोषी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
मंत्री के निरीक्षण के बाद हुआ था तबादला
जानकारी के मुताबिक, 1 जून को स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी फूलो झानो मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के औचक निरीक्षण पर पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान कार्य से जुड़े सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने निशांत कुमार सिंह के तबादले का निर्देश दिया था। इसके बाद उन्हें रानीश्वर प्रखंड के ग्रामीण प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, आमजोड़ा भेज दिया गया। आरोप है कि इसी तबादले से नाराज होकर उन्होंने अपने सहकर्मी को धमकी दी। फिलहाल मामला प्रशासन और पुलिस के पास पहुंच चुका है तथा जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।