Gold-Silver Price Today: मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बढ़ते तनाव का असर वैश्विक बाजारों पर साफ दिखाई देने लगा है. इजरायल और ईरान के बीच हालात बिगड़ने की आशंकाओं के बीच सोमवार को सोना और चांदी दोनों की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. घरेलू वायदा बाजार से लेकर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक कीमती धातुओं पर दबाव देखने को मिला. ऐसे में जहां निवेशकों की चिंता बढ़ गई है, वहीं गहने खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए यह राहत भरी खबर साबित हो सकती है.
बाजार खुलते ही सोने और चांदी में दिखी तेज कमजोरी
सप्ताह के पहले कारोबारी दिन मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज में सोने और चांदी दोनों की कीमतों में गिरावट के साथ कारोबार शुरू हुआ. सुबह के कारोबार में सोना करीब 0.82 प्रतिशत टूट गया, जबकि चांदी में 1.64 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई.
एमसीएक्स पर सोने के भाव में लगभग 2000 रुपये की कमी देखने को मिली, जिसके बाद 10 ग्राम सोने का भाव करीब 1,54,315 रुपये पर पहुंच गया. वहीं चांदी की कीमतों में और बड़ी गिरावट दर्ज हुई. चांदी छह हजार रुपये से अधिक फिसलकर करीब 2,44,469 रुपये के स्तर पर कारोबार करती नजर आई.
अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी लगातार दूसरे दिन दबाव
घरेलू बाजार ही नहीं, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी सोने और चांदी की कीमतें दबाव में हैं. अंतरराष्ट्रीय बाजार में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में सोने के दाम कमजोर रहे. इससे पहले पिछले सत्र में भी सोना करीब तीन प्रतिशत तक टूट गया था, जिसके बाद इसकी कीमतें कई महीनों के निचले स्तर तक पहुंच गई थीं.
स्पॉट गोल्ड और अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स दोनों में कमजोरी देखने को मिली है. बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि फिलहाल निवेशकों का रुझान सुरक्षित निवेश विकल्पों से कुछ हद तक कम हुआ है, जिसका असर सोने की कीमतों पर पड़ रहा है.
अमेरिकी आंकड़ों ने बदला निवेशकों का नजरिया
विशेषज्ञों के अनुसार हाल में जारी अमेरिका के मजबूत रोजगार आंकड़ों ने बाजार की दिशा बदलने में अहम भूमिका निभाई है. इन आंकड़ों के बाद यह संभावना मजबूत हुई है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व जल्द ब्याज दरों में कटौती नहीं करेगा.
अगर ब्याज दरें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो निवेशक उन साधनों की ओर ज्यादा आकर्षित होते हैं जहां उन्हें बेहतर रिटर्न मिलता है. यही वजह है कि सोने जैसी गैर ब्याज देने वाली संपत्तियों में निवेश फिलहाल कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बढ़ा रही हैं नई चुनौती
दूसरी ओर कच्चे तेल की कीमतों में तेजी ने भी वैश्विक बाजार की चिंता बढ़ा दी है. खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते भू राजनीतिक तनाव के कारण तेल महंगा हो रहा है. ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर महंगाई पर पड़ सकता है.
आर्थिक जानकारों का मानना है कि यदि तेल की कीमतों में तेजी जारी रहती है तो दुनिया के कई देशों में महंगाई का दबाव बढ़ सकता है. ऐसी स्थिति में केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचा बनाए रखने का फैसला कर सकते हैं, जिसका असर सोना, चांदी और शेयर बाजार समेत कई परिसंपत्तियों पर देखने को मिल सकता है.
खरीदारों के लिए मौका, निवेशकों के लिए सतर्क रहने का समय
सोना और चांदी में आई ताजा गिरावट उन लोगों के लिए फायदेमंद साबित हो सकती है जो आने वाले समय में गहनों या बुलियन की खरीदारी की योजना बना रहे हैं. हालांकि निवेशकों के लिए बाजार की मौजूदा स्थिति को समझते हुए सावधानी बरतना जरूरी होगा.