Jamtara: जामताड़ा की एक अदालत ने नाबालिग लड़की से सामूहिक दुष्कर्म के एक बेहद गंभीर मामले में सोमवार को अपना अंतिम फैसला सुना दिया है। जिला जज प्रथम अजय कुमार श्रीवास्तव की अदालत ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के रहने वाले दो दोषियों, लखन राणा और रणजीत राणा को 20-20 साल की सख्त सजा सुनाई है। इसके साथ ही कोर्ट ने दोनों पर 20-20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले बीते 4 जून को ही अदालत ने इन दोनों को इस मामले में कसूरवार मान लिया था।
अलग-अलग धाराओं में मिली सजाएं एक साथ चलेंगी
अदालत ने दोनों दोषियों को पोक्सो कानून की धारा 5(जी) के तहत 20 साल की जेल और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी। इसके अलावा धारा 351(3) के तहत 7 साल की कैद और 10 हजार रुपये जुर्माना, धारा 351(2) में 2 साल की जेल और 5 हजार रुपये जुर्माना, और धारा 115(2) के तहत 1 साल की कैद व 5 हजार रुपये आर्थिक दंड सुनाया गया। अदालत ने साफ किया है कि ये सभी सजाएं एक साथ चलेंगी और दोषियों ने पहले जो समय जेल में काटा है, उसे इस अवधि में शामिल कर लिया जाएगा।
घायल बकरी दिखाने के बहाने किया था कृत्य
यह पूरा मामला 28 नवंबर 2024 का है। पीड़िता ने अपनी शिकायत में बताया था कि दोषी लखन राणा ने उसे यह झूठ बोलकर घर से बाहर बुलाया था कि एक कुत्ते ने उसकी बकरी को जख्मी कर दिया है और वह पास की झाड़ियों में पड़ी है। जब वह बच्ची वहां पहुंची, तो वहां पहले से घात लगाकर बैठे रणजीत राणा ने उसे दबोच लिया। इसके बाद दोनों ने मिलकर उसके साथ गलत काम किया। जब पीड़िता ने खुद को बचाने की कोशिश की, तो आरोपियों ने उसके सिर पर बियर की बोतल से वार किया और चेहरे पर बेहोश करने वाली दवा छिड़क दी थी।
सात लोगों की गवाही से तय हुआ गुनाह
सरकारी पक्ष ने इस घिनौने अपराध को साबित करने के लिए अदालत के सामने सात चश्मदीदों और गवाहों को पेश किया। कोर्ट ने सभी सबूतों और गवाहों के बयानों को सही पाते हुए दोनों को कड़ी सजा सुनाई। इसके साथ ही अदालत ने जिला विधिक सेवा प्राधिकार को आदेश दिया है कि वह पीड़ित लड़की को सरकारी योजना के तहत उचित आर्थिक मुआवजा दिलाए। फैसला आने के तुरंत बाद दोनों अपराधियों को दोबारा जेल भेज दिया गया।