Seraikela: राजनगर-जुगसलाई मुख्य मार्ग पर अवैध खनिज परिवहन को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह मार्ग अवैध खनिज कारोबारियों के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बन चुका है, जहां दिन-रात ओवरलोड कोयला और अन्य खनिजों का परिवहन किया जा रहा है। प्रशासनिक निगरानी के बावजूद ऐसे वाहनों का लगातार संचालन कई सवाल खड़े कर रहा है। इसी क्रम में सोमवार को ग्रामीणों ने एक तेज रफ्तार ओवरलोड कोयला लदी हाइवा को रोककर उसकी जांच की। ग्रामीणों ने चालक से कोयला परिवहन से संबंधित वैध चालान और अन्य आवश्यक दस्तावेजों की मांग की, लेकिन चालक कोई अधिकृत दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बताया जाता है कि चालक ने केवल एक साधारण कच्चा कागज दिखाया, जिससे परिवहन की वैधता को लेकर संदेह और गहरा गया।
जांच में सामने आई कई अनियमितताएं
ग्रामीणों के अनुसार, वाहन संख्या JH05BY 3723 की जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। जांच में पता चला कि वाहन की फिटनेस और बीमा वर्ष 2024 में ही समाप्त हो चुके हैं। इसके अलावा हाइवा के कई टायर भी क्षतिग्रस्त पाए गए, जिससे सड़क सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना फिटनेस, बिना बीमा और संदिग्ध दस्तावेजों के साथ भारी वाहनों का संचालन न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन है, बल्कि आम लोगों की जान के लिए भी खतरा है।
प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि अवैध खनिज परिवहन का यह खेल लंबे समय से चल रहा है, लेकिन संबंधित विभागों की ओर से प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर किसके संरक्षण में ऐसे वाहन सड़कों पर दौड़ रहे हैं और अवैध खनिज परिवहन का यह नेटवर्क कैसे संचालित हो रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने और अवैध खनिज परिवहन पर रोक लगाने के लिए ठोस कदम उठाने की भी अपील की है। फिलहाल यह मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है और अब लोगों की नजरें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हुई हैं।