Jharkhand News: देश की सुरक्षा में वर्षों तक सेवा देने वाले पूर्व सैनिक अब झारखंड की जेलों में सुरक्षा की जिम्मेदारी निभाएंगे. राज्य सरकार ने जेलों में लंबे समय से खाली पड़े कक्षपालों के पदों को भरने के लिए सेना और अर्धसैनिक बलों से रिटायर जवानों को मौका देने का फैसला लिया है.
गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने इसके लिए संविदा के आधार पर नियुक्ति प्रक्रिया शुरू कर दी है. पहले चरण में राज्य की चार जेलों में सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की जाएगी. विभाग ने चयन प्रक्रिया के लिए विज्ञापन जारी कर 4 जुलाई 2026 को वॉक इन इंटरव्यू आयोजित करने की जानकारी दी है.
68 पूर्व सैनिकों को मिलेगी जिम्मेदारी
इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 68 पदों को भरा जाएगा. इसमें पुरुष कक्षपाल के 60 और महिला कक्षपाल के 8 पद शामिल हैं.
इच्छुक पूर्व सैनिकों को निर्धारित तारीख पर बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार (रांची) पहुंचकर अपने दस्तावेजों के साथ चयन प्रक्रिया में शामिल होना होगा.
नियुक्त जवानों को 20 हजार रुपये मासिक मानदेय मिलेगा. सरकार ने इसमें हर साल 8 प्रतिशत वृद्धि का प्रावधान भी रखा है.
चार जेलों में होगी तैनाती
पहले चरण में जिन जेलों में पूर्व सैनिकों की नियुक्ति की जाएगी, उनमें शामिल हैं-
- बिरसा मुंडा केंद्रीय कारा, होटवार (रांची): 56 पद
- मंडल कारा, गुमला: 3 पद
- मंडल कारा, सिमडेगा: 7 पद
- उपकारा, खूंटी: 2 पद
सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की कवायद
राज्य की जेलों में लंबे समय से कक्षपालों की कमी महसूस की जा रही थी. सीमित सुरक्षा बल के कारण जेल परिसर में लगातार निगरानी बनाए रखना प्रशासन के लिए चुनौती बन रहा था.
जेलों में कैदियों की गतिविधियों पर नजर रखने, बैरकों की सुरक्षा और किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए पर्याप्त संख्या में कक्षपालों की जरूरत होती है. इसी को देखते हुए सरकार ने पूर्व सैनिकों के अनुशासन और सुरक्षा अनुभव का इस्तेमाल करने की योजना बनाई है.
पूर्व सैनिकों की तैनाती से जेलों की निगरानी व्यवस्था बेहतर होने और सुरक्षा संबंधी चुनौतियों में कमी आने की उम्मीद है.