President Presents Gallantry Awards: नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में 8 जून 2026 को आयोजित रक्षा अलंकरण समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के 51 वीर जवानों को उनके अदम्य साहस और सर्वोच्च बलिदान के लिए वीरता पुरस्कारों से सम्मानित किया। यह समारोह भारतीय सशस्त्र बलों, केंद्रीय पुलिस बलों और राज्य पुलिस के बहादुर जवानों के शौर्य को नमन करने का ऐतिहासिक अवसर बना।
कीर्ति चक्र से सम्मानित हुए शौर्य के सात सितारे
समारोह में कुल 7 कीर्ति चक्र प्रदान किए गए, जिनमें दो सम्मान मरणोपरांत दिए गए। नायब सूबेदार दोलेश्वर सुब्बा, लांस नायक मीनात्ची सुंदरम, मेजर अर्शदीप सिंह, एयर कमोडोर प्रशांत नायर और कैप्टन लालरिनावमा सैलो को उनके असाधारण साहस के लिए सम्मानित किया गया। वहीं सिपाही जंजाल प्रवीण प्रभाकर और लेफ्टिनेंट शशांक तिवारी को मरणोपरांत कीर्ति चक्र प्रदान कर राष्ट्र ने उनके बलिदान को नमन किया।
15 वीरों को मिला वीर चक्र, शौर्य की गूंज से गूंजा राष्ट्रपति भवन
राष्ट्रपति ने 15 जवानों को वीर चक्र से सम्मानित किया, जिनमें तीन सम्मान मरणोपरांत दिए गए। कर्नल कोशांक लांबा, ग्रुप कैप्टन रणजीत सिंह सिद्धू, विंग कमांडर जॉय चंद्रा, ग्रुप कैप्टन मनीष अरोड़ा, स्क्वाड्रन लीडर सिद्धांत सिंह, नायब सूबेदार सतीश कुमार और लेफ्टिनेंट कर्नल सुशील बिष्ट को उनके उत्कृष्ट पराक्रम के लिए सम्मान मिला। वहीं सब इंस्पेक्टर मोहम्मद इम्तियाज, राइफलमैन सुनील कुमार और कांस्टेबल दीपक को मरणोपरांत वीर चक्र प्रदान किया गया।
शौर्य चक्र से नवाजे गए 29 जांबाज, महिला अधिकारियों ने भी बढ़ाया गौरव
समारोह में 29 जवानों को शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया, जिनमें एक सम्मान मरणोपरांत दिया गया। निरीक्षक लक्ष्मण केवट, रामेश्वर प्रसाद देशमुख और लेफ्टिनेंट कर्नल नीतेश भारती शुक्ला प्रमुख सम्मानित वीरों में शामिल रहे। नौसेना की लेफ्टिनेंट कमांडर दिलना के और रूपा ए को भी उनके साहसिक योगदान के लिए शौर्य चक्र मिला, जबकि एल/डीएफआर बलदेव चंद को मरणोपरांत इस सम्मान से नवाजा गया।
वीरों के बलिदान को राष्ट्र का नमन, गर्व से भरा ऐतिहासिक समारोह
राष्ट्रपति राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी पुरस्कार विजेताओं और उनके परिवारों को बधाई देते हुए देश की रक्षा में उनके योगदान को अमूल्य बताया। उन्होंने वीर जवानों के त्याग, साहस और समर्पण को नमन किया। यह भव्य समारोह भारतीय सेना, अर्धसैनिक बलों और पुलिस बलों के अद्वितीय शौर्य का प्रतीक बनकर देशवासियों के लिए गर्व का क्षण साबित हुआ।