Ranchi News : ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) से बचाव के लिए लगाई जाने वाली एचपीवी वैक्सीन को सर्वाइकल कैंसर की रोकथाम में अत्यंत प्रभावी माना जा रहा है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार यह टीका कैंसर पैदा करने वाले प्रमुख वायरस से सुरक्षा प्रदान करता है और बीमारी के खतरे को काफी हद तक कम कर सकता है।
लड़कों और लड़कियों दोनों के लिए फायदेमंद
विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी वैक्सीन केवल सर्वाइकल कैंसर ही नहीं, बल्कि कई अन्य प्रकार के कैंसर और जननांगों से जुड़ी बीमारियों से भी बचाव में मदद करती है। अब लड़कों और लड़कियों दोनों को यह टीका लगाने की सलाह दी जा रही है, जिससे संक्रमण के प्रसार को रोकने और भविष्य में गंभीर बीमारियों के जोखिम को कम करने में सहायता मिलती है।
समय पर टीकाकरण से मिलती है बेहतर सुरक्षा
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार 9 से 14 वर्ष की आयु में एचपीवी टीकाकरण सबसे अधिक प्रभावी होता है, क्योंकि इस उम्र में शरीर बेहतर प्रतिरक्षा विकसित करता है। उन्होंने बताया कि यह वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित मानी जाती है और समय पर लगवाने से लंबे समय तक सुरक्षा प्रदान कर सकती है।
हालांकि विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया कि एचपीवी वैक्सीन पहले से मौजूद संक्रमण का इलाज नहीं करती। इसलिए निर्धारित आयु में टीकाकरण कराना बेहद महत्वपूर्ण है। स्वास्थ्य विभाग भी लोगों को जागरूक कर समय पर टीकाकरण कराने की अपील कर रहा है, ताकि सर्वाइकल कैंसर समेत अन्य गंभीर बीमारियों की रोकथाम सुनिश्चित की जा सके।