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  • 2026-06-09

Ranchi News : फर्जी रॉयल्टी सर्टिफिकेट मामले में IRCON पर प्राथमिकी, करोड़ों रुपये के भुगतान पर उठे सवाल

Ranchi News : फर्जी रॉयल्टी भुगतान प्रमाण पत्र मामले में चतरा के जिला खनन पदाधिकारी (डीएमओ) मनोज कुमार टोप्पो ने IRCON और उसके अधिकारियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। सदर थाना में दर्ज मामले में IRCON के मुख्य महाप्रबंधक मोहन सिंह, राजा कंस्ट्रक्शन और अन्य अज्ञात व्यक्तियों को आरोपी बनाया गया है। मामले के सामने आने के बाद खनन विभाग और रेल परियोजना से जुड़े दस्तावेजों की जांच तेज हो गई है।


फर्जी हस्ताक्षर और जाली प्रमाण पत्र का आरोप

डीएमओ की शिकायत के अनुसार राजा कंस्ट्रक्शन द्वारा मिट्टी उपयोग और रॉयल्टी भुगतान से संबंधित फर्जी प्रमाण पत्र तैयार किए गए। इन दस्तावेजों में वर्तमान डीएमओ मनोज कुमार टोप्पो और पूर्व डीएमओ गोपाल कुमार दास के कथित फर्जी हस्ताक्षर भी पाए गए हैं। शिकायत में कहा गया है कि इस पूरी प्रक्रिया में IRCON अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।

शिवपुर-कठौतिया रेल परियोजना से जुड़ा है मामला

यह पूरा मामला शिवपुर-कठौतिया रेल लाइन परियोजना से संबंधित है, जिसका निर्माण IRCON के माध्यम से कराया जा रहा है। परियोजना में उपयोग की गई मिट्टी पर रॉयल्टी का भुगतान किया जाना था। खनन विभाग ने 2 मई 2025 को IRCON से मिट्टी उपयोग और रॉयल्टी भुगतान का विस्तृत ब्योरा मांगा था। इसके जवाब में IRCON ने बताया कि राजा कंस्ट्रक्शन ने 45.50 लाख घनमीटर मिट्टी के उपयोग और रॉयल्टी भुगतान से जुड़े 16 प्रमाण पत्र तथा 12 सत्यापन प्रतिवेदन जमा किए हैं।

जांच में सभी दस्तावेज पाए गए फर्जी, ईमेल के बावजूद नहीं मिला जवाब

जिला खनन कार्यालय द्वारा दस्तावेजों की जांच करने पर सभी प्रमाण पत्र फर्जी पाए गए। इसके बाद विभाग ने इसकी जानकारी IRCON को दी। डीएमओ के अनुसार IRCON ने अपने जवाब में स्वीकार किया कि राजा कंस्ट्रक्शन को रॉयल्टी मद में 17.29 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया था और राशि वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने की बात कही थी। इससे यह आशंका और मजबूत हुई कि खनन विभाग को वास्तविक रूप से कोई रॉयल्टी भुगतान नहीं किया गया।

प्राथमिकी में यह भी उल्लेख किया गया है कि अप्रैल 2024 से फरवरी 2025 के बीच खनन विभाग ने कई बार ईमेल के माध्यम से रॉयल्टी भुगतान से संबंधित जानकारी IRCON को भेजी थी, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। साथ ही, कथित सत्यापन प्रमाण पत्रों की पुष्टि के लिए IRCON की ओर से न तो आधिकारिक ईमेल भेजा गया और न ही डाक के माध्यम से कोई पत्राचार किया गया।

पहले IRCON ने दर्ज कराई थी शिकायत

गौरतलब है कि इससे पहले IRCON के मुख्य महाप्रबंधक मोहन सिंह ने भी एक प्राथमिकी दर्ज कराई थी, जिसमें जिला खनन कार्यालय के कुछ कर्मचारियों और राजा कंस्ट्रक्शन को आरोपी बनाया गया था। अब डीएमओ की शिकायत सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। जांच एजेंसियां पूरे प्रकरण में शामिल लोगों की भूमिका और संभावित वित्तीय अनियमितताओं की गहन जांच कर रही हैं।

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