Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में जारी उठापटक के बीच तृणमूल कांग्रेस को एक और बड़ा झटका लगा है. पार्टी की वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद सुष्मिता देव ने अपने पद के साथ साथ टीएमसी से भी इस्तीफा दे दिया है. इस्तीफे के तुरंत बाद उनकी असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात ने सियासी गलियारों में नई चर्चाओं को हवा दे दी है. माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में उनकी नई राजनीतिक पारी को लेकर तस्वीर और साफ हो सकती है. हालांकि फिलहाल उन्होंने किसी नए दल में शामिल होने को लेकर कोई स्पष्ट संकेत नहीं दिया है.
इस्तीफे के बाद खुद सामने आईं सुष्मिता देव, राजनीतिक और निजी वजहों का दिया हवाला
राज्यसभा और पार्टी से इस्तीफा देने के बाद सुष्मिता देव ने कहा कि उन्होंने कुछ राजनीतिक और व्यक्तिगत कारणों से यह फैसला लिया है. उन्होंने साफ किया कि फिलहाल वह इस मुद्दे पर ज्यादा कुछ नहीं कहना चाहतीं.
उन्होंने बताया कि सुबह उन्होंने तृणमूल कांग्रेस से अपना इस्तीफा दिया और करीब 11 बजे उपराष्ट्रपति को राज्यसभा सदस्यता से त्यागपत्र सौंप दिया. उनके मुताबिक आगे किस तरह की राजनीति करनी है या राजनीति में सक्रिय रहना है या नहीं, यह फैसला करना उनका अधिकार है. उन्होंने कहा कि फिलहाल उन्हें खुद के लिए कुछ समय चाहिए.
टीएमसी छोड़ने वाले नेताओं पर टिप्पणी से किया इनकार
हाल के दिनों में तृणमूल कांग्रेस के कई नेताओं और सांसदों के पार्टी से दूरी बनाने की खबरें सामने आ रही हैं. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए सुष्मिता देव ने कहा कि कौन पार्टी छोड़ रहा है और किस वजह से छोड़ रहा है, इसका जवाब वही लोग बेहतर दे सकते हैं. उन्होंने इस विषय पर किसी तरह की टिप्पणी करने से इनकार कर दिया.
हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात के बाद बढ़ी राजनीतिक चर्चाएं
इस्तीफे के कुछ समय बाद ही सुष्मिता देव ने दिल्ली में असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा से मुलाकात की. दोनों नेताओं की तस्वीरें सामने आने के बाद उनके भाजपा या एनडीए में शामिल होने की अटकलें तेज हो गईं.
हालांकि सुष्मिता देव ने इन चर्चाओं को ज्यादा महत्व नहीं दिया. उन्होंने कहा कि यह केवल एक शिष्टाचार मुलाकात थी. उनके मुताबिक वह लंबे समय से हिमंता बिस्वा सरमा को जानती हैं और इसी वजह से उनसे मिलने गई थीं. उन्होंने कहा कि आज वह स्वतंत्र हैं और पुराने परिचितों से मिलना कोई असामान्य बात नहीं है.
असम की राजनीति में सक्रिय रहने के दिए संकेत
सुष्मिता देव ने यह भी कहा कि राजनीति का सफर जारी रहेगा और सार्वजनिक जीवन में काम करने के कई रास्ते होते हैं. उन्होंने संकेत दिया कि वह असम के लोगों के लिए काम करना चाहती हैं और भविष्य में उनकी प्राथमिकता राज्य के लोगों की सेवा होगी.
टीएमसी के लिए चुनौतीपूर्ण दौर में आया यह फैसला
सुष्मिता देव का इस्तीफा ऐसे समय में सामने आया है जब तृणमूल कांग्रेस के भीतर असंतोष और अंदरूनी खींचतान की चर्चाएं पहले से ही तेज हैं. पिछले कुछ समय में कई नेताओं के शीर्ष नेतृत्व से दूरी बनाने की खबरें भी सामने आई हैं. ऐसे माहौल में पार्टी की एक अहम और भरोसेमंद नेता का इस्तीफा राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यह घटनाक्रम तृणमूल कांग्रेस के लिए चुनौती बढ़ाने वाला साबित हो सकता है. खासकर ऐसे समय में जब पार्टी लगातार संगठन को मजबूत करने की कोशिश में जुटी हुई है.
सुष्मिता देव का राज्यसभा और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा बंगाल की राजनीति में नई हलचल लेकर आया है. हिमंता बिस्वा सरमा से उनकी मुलाकात के बाद राजनीतिक अटकलों का दौर भी तेज हो गया है. हालांकि फिलहाल उन्होंने अपने अगले कदम को लेकर कोई स्पष्ट घोषणा नहीं की है. ऐसे में अब सबकी नजर इस बात पर टिकी है कि सुष्मिता देव आने वाले दिनों में किस दिशा में अपनी नई राजनीतिक पारी शुरू करती हैं.