Aaj Ka Panchang: वैदिक पंचांग के अनुसार आज ज्येष्ठ (अधिक) मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि है और श्रद्धालु परम एकादशी व्रत का पालन कर रहे हैं। यह अत्यंत दुर्लभ और पुण्यदायी व्रत माना जाता है, जो लगभग तीन वर्षों में एक बार आता है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और जप-तप करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है तथा जीवन में सुख, शांति और समृद्धि का आगमन होता है।
एकादशी तिथि, शुभ योग और ग्रहों की विशेष स्थिति
आज कृष्ण एकादशी तिथि रात्रि 10:36 बजे तक रहेगी, इसके बाद द्वादशी तिथि प्रारंभ होगी। शोभन योग मध्यरात्रि 1:00 बजे (12 जून) तक रहेगा, वहीं बव और बालव करण का भी शुभ संयोग बन रहा है। सूर्य वृषभ राशि में विराजमान हैं, जबकि चंद्रमा सुबह 8:16 बजे तक मीन राशि में रहकर बाद में मेष राशि में प्रवेश करेंगे। रेवती नक्षत्र के बाद अश्विनी नक्षत्र का आरंभ होगा, जो नए कार्यों के लिए शुभ माना जाता है।
अभिजित और अमृत काल में करें शुभ कार्य, राहुकाल से रहें सावधान
आज सूर्योदय प्रातः 5:23 बजे और सूर्यास्त सायं 7:19 बजे होगा। शुभ कार्यों के लिए अभिजित मुहूर्त दोपहर 11:53 बजे से 12:49 बजे तक रहेगा। अमृत काल सुबह 5:59 बजे से 7:30 बजे तक तथा रात्रि 11:49 बजे से 1:17 बजे (12 जून) तक रहेगा। वहीं राहुकाल दोपहर 2:05 बजे से 3:50 बजे तक, गुलिकाल 8:52 बजे से 10:36 बजे तक और यमगण्ड 5:23 बजे से 7:07 बजे तक रहेगा, इसलिए इस दौरान महत्वपूर्ण कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।
अधिक मास की परम एकादशी का महत्व
परम एकादशी केवल अधिक मास (पुरुषोत्तम मास) के कृष्ण पक्ष में आती है, इसलिए इसका विशेष धार्मिक महत्व है। शास्त्रों के अनुसार इस दिन श्रीहरि विष्णु की उपासना, दान-पुण्य और व्रत करने से सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना अधिक शुभ फल प्राप्त होते हैं। इस वर्ष एकादशी तिथि 11 जून को रात 12:57 बजे शुरू होकर रात 10:36 बजे समाप्त होगी, जबकि व्रत का पारण 12 जून को सुबह 5:23 बजे से 8:10 बजे के बीच किया जाएगा। यह व्रत आत्मिक शुद्धि, मन की स्थिरता और जीवन में सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।