Jamshedpur News : बागबेड़ा जलापूर्ति योजना को लेकर क्षेत्र में एक बार फिर असंतोष बढ़ता नजर आ रहा है। लगभग सात से आठ वर्षों से अधूरी पड़ी यह योजना अब तक लोगों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने में विफल रही है। योजना से 21 पंचायतों के 113 गांवों, रेलवे क्षेत्र की 33 बस्तियों और करीब 2.5 लाख लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद थी, लेकिन पाइपलाइन बिछने के बावजूद जलापूर्ति शुरू नहीं हो सकी है।
आंदोलन से जुड़े लोगों ने किया योजना स्थल का निरीक्षण
बागबेड़ा जलापूर्ति योजना आंदोलन से जुड़े लोगों ने योजना के वर्तमान कार्यों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान योजना की प्रगति और मौजूदा स्थिति का जायजा लिया गया। आंदोलनकारियों का कहना है कि जमीनी हालात को देखकर ऐसा प्रतीत होता है कि निकट भविष्य में भी योजना के शुरू होने की संभावना कम है।
पेयजल संकट से जूझ रही है क्षेत्र की बड़ी आबादी
स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र की जनता लंबे समय से पेयजल संकट का सामना कर रही है। गर्मी के दिनों में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जिससे हजारों परिवारों को रोजमर्रा की जरूरतों के लिए परेशानी उठानी पड़ती है। लोगों का आरोप है कि वर्षों से केवल आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन योजना को धरातल पर पूरा करने की दिशा में अपेक्षित प्रगति नहीं हुई है।
जलापूर्ति शुरू नहीं हुई तो होगा व्यापक आंदोलन
निरीक्षण के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों ने बैठक कर आगे की रणनीति पर चर्चा की। सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यदि जल्द जलापूर्ति व्यवस्था शुरू नहीं की गई तो क्षेत्र की जनता के हित में व्यापक जनआंदोलन चलाया जाएगा। आंदोलनकारियों ने कहा कि पानी लोगों का बुनियादी अधिकार है और इसे सुनिश्चित कराने के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
कई सामाजिक कार्यकर्ता और स्थानीय लोग रहे मौजूद
निरीक्षण और बैठक के दौरान क्षेत्र के कई सामाजिक कार्यकर्ता, जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे। सभी ने योजना को शीघ्र पूरा कर जलापूर्ति शुरू करने की मांग दोहराई और कहा कि जनता की एकजुटता से इस मुद्दे को और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।