Naga Community Murders: लगातार हिंसा और जातीय तनाव से जूझ रहे मणिपुर से एक बार फिर बेहद चिंताजनक खबर सामने आई है. कांगपोकपी जिले में छह नागा लोगों के शव बरामद होने के बाद पूरे राज्य में सनसनी फैल गई है. बताया जा रहा है कि ये सभी लोग 13 मई से लापता थे. शव मिलने के बाद नागा समुदाय में गहरा आक्रोश और शोक का माहौल है. इस घटना ने पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है.
तीन चर्च नेताओं की हत्या के बाद बढ़ा था तनाव
रिपोर्ट्स के मुताबिक 13 मई को थाडौ जनजाति से जुड़े तीन चर्च नेताओं की हत्या कर दी गई थी. इस घटना के बाद नागा और कुकी समुदायों के बीच तनाव और संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई. हालात बिगड़ने के बीच कई इलाकों में असुरक्षा का माहौल बन गया था.
महिलाओं और बच्चों समेत 44 लोगों को बनाया गया था बंधक
बताया जा रहा है कि हिंसा के बाद अलग अलग इलाकों से कुल 44 लोगों को बंधक बना लिया गया था, जिनमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे. बाद में इनमें से कुछ लोगों को रिहा कर दिया गया, लेकिन छह नागा लोगों का कोई पता नहीं चल पाया था. अब कई दिनों बाद उनके शव मिलने से इलाके में मातम पसरा हुआ है.
जंगलों और पहाड़ियों में चलाया गया बड़ा सर्च ऑपरेशन
लापता लोगों की तलाश के लिए मणिपुर पुलिस, असम राइफल्स और सीआरपीएफ की करीब 15 टीमों ने कांगपोकपी जिले के जंगलों और पहाड़ी क्षेत्रों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया था. इसी अभियान के दौरान छह लोगों के शव बरामद किए गए. बताया जा रहा है कि 13 मई के बाद से इन लोगों का कोई सुराग नहीं मिल पाया था.
नागा संगठनों ने सरकार पर लगाए गंभीर आरोप
इस घटना के बाद यूनाइटेड नागा काउंसिल ने इसे मानवता के खिलाफ अपराध बताते हुए सरकार की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं. नागा संगठनों का आरोप है कि राज्य सरकार हालात को नियंत्रित करने में विफल रही है और कुछ विद्रोही समूहों के प्रति नरम रवैया अपना रही है.
डिप्टी सीएम को हटाने की मांग भी उठी
यूनाइटेड नागा काउंसिल ने मणिपुर की उप मुख्यमंत्री नेमचा किपगेन को पद से हटाने की मांग की है. काउंसिल का दावा है कि जिन कुकी समूहों पर अपहरण और हत्या का संदेह जताया जा रहा है, उनका संबंध उन संगठनों से है जो सरकार के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन समझौते का हिस्सा हैं.
न्याय की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद का ऐलान
घटना के विरोध में यूनाइटेड नागा काउंसिल ने नागा बहुल क्षेत्रों में 24 घंटे के बंद का आह्वान किया है. संगठन का कहना है कि यह केवल विरोध प्रदर्शन नहीं बल्कि पीड़ितों के लिए न्याय की मांग है. कई अन्य सामाजिक और क्षेत्रीय संगठनों ने भी इस बंद को समर्थन देने की घोषणा की है.
समुदाय के नेताओं ने हत्या को बताया बेहद क्रूर
नागा समुदाय के नेताओं का कहना है कि जिन लोगों को अगवा किया गया था, उनकी हत्या बेहद क्रूर तरीके से की गई है. इस घटना ने समुदाय के भीतर गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है और लोग दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं.
मणिपुर में छह नागा लोगों के शव मिलने की घटना ने एक बार फिर राज्य में जारी जातीय हिंसा और अस्थिर हालात की गंभीरता को उजागर कर दिया है. बढ़ते विरोध और बंद के ऐलान के बीच अब सभी की नजर सरकार और सुरक्षा एजेंसियों की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई है. लोगों की मांग है कि दोषियों की जल्द पहचान कर उन्हें कड़ी सजा दी जाए और राज्य में शांति बहाल करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं.