Kedarnath Trek Accident: उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग जिले में केदारनाथ पैदल मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा सामने आया है. बाबा केदार के दर्शन के लिए जा रहे दो युवक अनधिकृत शॉर्टकट रास्ते का इस्तेमाल करते समय गहरी खाई में गिर गए. इस हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया है. सूचना मिलते ही एसडीआरएफ, वाईएमएफ और पुलिस की टीमों ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया.
कहां हुआ हादसा और कैसे खाई में गिरे दोनों युवक
जिला आपातकालीन संचालन केंद्र के मुताबिक यह हादसा केदारनाथ पैदल मार्ग पर पोल नंबर 337 और 340 के बीच हुआ. बताया जा रहा है कि दोनों युवक जल्दी पहुंचने के लिए निर्धारित मार्ग छोड़कर शॉर्टकट रास्ते से जा रहे थे. इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वे गहरी खाई में जा गिरे. सूचना मिलने के बाद बचाव दल को तुरंत मौके पर भेजा गया. एसडीआरएफ, वाईएमएफ और आपदा प्रबंधन की टीमों ने कठिन परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों युवकों को खाई से बाहर निकाला.
घायल युवक का चल रहा है इलाज
रेस्क्यू के दौरान गंभीर रूप से घायल युवक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. उसकी पहचान 27 वर्षीय मोहित के रूप में हुई है, जो उत्तर पूर्वी दिल्ली के गोकुलपुरी इलाके का रहने वाला है. उसे पहले छोटी लिंचोली स्थित मेडिकल रिलीफ प्वाइंट ले जाया गया, जहां शुरुआती जांच में उसके पैर में फ्रैक्चर की पुष्टि हुई. बाद में बेहतर इलाज के लिए उसे गौरीकुंड रेफर कर दिया गया. डॉक्टरों की टीम लगातार उसकी स्थिति पर नजर रख रही है.
फर्रुखाबाद के प्रियांशु शुक्ला की गई जान
इस हादसे में जान गंवाने वाले युवक की पहचान 27 वर्षीय प्रियांशु शुक्ला के रूप में हुई है. वह उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद जिले के रहने वाले थे और केदारनाथ दर्शन के लिए उत्तराखंड पहुंचे थे. वाईएमएफ की टीम उन्हें निकालकर भीमबली स्थित चिकित्सा राहत केंद्र लेकर पहुंची, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया. अधिकारियों के मुताबिक शव को गौरीकुंड लाया जा रहा है और पोस्टमार्टम के लिए रुद्रप्रयाग जिला अस्पताल भेजा जाएगा.
केदारनाथ यात्रा के दौरान स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर
केदारनाथ यात्रा में श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए रुद्रप्रयाग का स्वास्थ्य विभाग हाई अलर्ट पर है. ऊंचाई वाले इलाकों में खराब मौसम और कठिन परिस्थितियों की वजह से कई श्रद्धालु बीमार पड़ रहे हैं और हादसों का भी सामना करना पड़ रहा है. गंभीर रूप से बीमार और घायल यात्रियों को हेलीकॉप्टर के जरिए फाटा और गुप्तकाशी पहुंचाया जा रहा है. वहीं ज्यादा गंभीर मरीजों को एयर एम्बुलेंस की मदद से बड़े चिकित्सा केंद्रों और एम्स तक भेजा जा रहा है.
शॉर्टकट रास्ते बन सकते हैं जान के दुश्मन
पहाड़ी क्षेत्रों में अनधिकृत और जोखिम भरे शॉर्टकट रास्तों का इस्तेमाल कई बार जानलेवा साबित हो सकता है. प्रशासन लगातार श्रद्धालुओं से निर्धारित मार्ग पर चलने और सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील करता रहा है.