Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल लगातार बढ़ती जा रही है. तृणमूल कांग्रेस की राज्यसभा सांसदों की संख्या में एक और कमी आ गई है. पार्टी के राज्यसभा सांसद प्रकाश चिक बराइक ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है. पिछले एक हफ्ते के भीतर यह तीसरा बड़ा इस्तीफा है, जिससे मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पार्टी पर दबाव बढ़ता नजर आ रहा है.
इस्तीफा देकर राज्यसभा सचिवालय का जताया आभार
प्रकाश चिक बराइक ने अपने इस्तीफे के पत्र में राज्यसभा की सदस्यता छोड़ने की जानकारी देते हुए अनुरोध किया कि उनका इस्तीफा तत्काल प्रभाव से स्वीकार किया जाए. उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान मिले सहयोग और समर्थन के लिए उप सभापति और राज्यसभा सचिवालय के अधिकारियों का भी आभार व्यक्त किया.
लोगों की राय का सम्मान करने की बात कही
इस्तीफे के बाद प्रकाश चिक बराइक ने कहा कि उन्होंने पश्चिम बंगाल के लोगों की भावनाओं और राय को ध्यान में रखते हुए यह फैसला लिया है. जब उनसे पूछा गया कि क्या वह भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगे, तो उन्होंने कहा कि इसका जवाब आने वाला समय देगा.
एक हफ्ते में TMC को तीसरा इस्तीफा
प्रकाश चिक बराइक से पहले सुखेंदु और सुष्मिता देव भी राज्यसभा की सदस्यता और तृणमूल कांग्रेस से इस्तीफा दे चुके हैं. लगातार हो रहे इन इस्तीफों के बाद दोनों नेताओं के भाजपा में शामिल होने की अटकलें भी तेज हो गई हैं. इससे राज्य की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं.
कांग्रेस में विलय की अटकलों के बीच बढ़ी सियासी हलचल
हाल के दिनों में ममता बनर्जी और सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के संभावित विलय को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आई थीं. हालांकि, ऋतब्रत बनर्जी ने इन अटकलों को खारिज करते हुए साफ कहा था कि कोई भी टीएमसी नेता कांग्रेस में शामिल नहीं हो रहा है. इसके बावजूद पार्टी के भीतर लगातार हो रहे घटनाक्रमों ने राजनीतिक हलकों में चर्चाओं को और तेज कर दिया है.
अब राज्यसभा में TMC के पास बचे 10 सांसद
राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस के कुल 13 सांसद थे. लेकिन पिछले एक हफ्ते में तीन सांसदों के इस्तीफे के बाद अब पार्टी के पास 10 राज्यसभा सांसद रह गए हैं. लगातार हो रहे इस्तीफों ने पश्चिम बंगाल की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है और आने वाले दिनों में राजनीतिक समीकरणों पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं.
लगातार तीन राज्यसभा सांसदों के इस्तीफे ने तृणमूल कांग्रेस के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है. आने वाले दिनों में इन नेताओं के अगले कदम और पार्टी की रणनीति पश्चिम बंगाल की राजनीति की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है. ऐसे में राज्य की सियासत पर सभी की नजर बनी हुई है.