Joshimath Truck Accident: उत्तराखंड में एक बार फिर दर्दनाक सड़क हादसे की खबर सामने आई है. ऋषिकेश से जोशीमठ की ओर जा रहा एक ट्रक चमोली जिले के हेलंग क्षेत्र के पास अनियंत्रित होकर गहरी खाई में जा गिरा और तेज बहाव वाली अलकनंदा नदी में समा गया. हादसे के बाद इलाके में अफरा तफरी मच गई. ट्रक में सवार लोगों के लापता होने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि वाहन में कितने लोग मौजूद थे, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हो सकी है.
हेलंग के पास हुआ भीषण हादसा, ट्रक के उड़े परखच्चे
जानकारी के मुताबिक ट्रक ऋषिकेश से जोशीमठ की ओर जा रहा था. इसी दौरान हेलंग के नजदीक चालक वाहन से नियंत्रण खो बैठा और ट्रक सीधे गहरी खाई में जा गिरा. हादसा इतना भीषण था कि ट्रक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसका मलबा अलकनंदा नदी में जा पहुंचा.
एसडीआरएफ ने शुरू किया राहत और बचाव अभियान
घटना की सूचना मिलते ही एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंच गई और राहत एवं बचाव कार्य शुरू कर दिया. तेज बहाव और कठिन परिस्थितियों के बीच रेस्क्यू अभियान जारी है. बचाव दल ने अब तक एक शव बरामद किया है. वहीं लापता लोगों की तलाश के लिए मलबे को हटाने और नदी किनारे सर्च अभियान चलाया जा रहा है.
इससे पहले मसूरी में भी हुआ था दर्दनाक सड़क हादसा
बुधवार सुबह मसूरी के झड़ीपानी कोलूखेत शॉर्टकट मार्ग पर भी एक बड़ा हादसा हुआ था. यहां एक कार करीब 500 मीटर गहरी खाई में गिर गई थी, जिसमें चार लोगों की जान चली गई थी. सूचना मिलने के बाद आईटीबीपी, एसडीआरएफ, पुलिस, फायर सर्विस और स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने संयुक्त रूप से बचाव अभियान चलाया था.
दुकान से सामान खरीदने के बाद हुआ हादसा
बताया गया कि हादसे से पहले कार सवार लोग सड़क किनारे एक दुकान पर रुके थे. उन्होंने दुकानदार को बताया था कि वे उत्तरकाशी से आ रहे हैं. सामान खरीदने के बाद जैसे ही वे कार में बैठे, वाहन अचानक ढलान की ओर लुढ़कने लगा और चालक नियंत्रण नहीं रख सका. इसके बाद कार सड़क से नीचे करीब 500 मीटर गहरी खाई में जा गिरी.
चार मृतकों की हुई पहचान
पुलिस ने मृतकों की पहचान हरियाणा के सोनीपत निवासी सत्यप्रकाश और 19 वर्षीय मनीत के अलावा गाजियाबाद के नेहरू नगर निवासी 48 वर्षीय सविता और दिल्ली के करोल बाग निवासी 46 वर्षीय संगीता के रूप में की है.
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार सामने आ रहे सड़क हादसे चिंता का विषय बनते जा रहे हैं. ताजा ट्रक हादसे के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है. प्रशासन की प्राथमिकता लापता लोगों का पता लगाने और प्रभावित परिवारों तक हरसंभव सहायता पहुंचाने पर है.