Ranchi News : झारखंड हाईकोर्ट ने राज्य की ओपन जेलों की व्यवस्था और निगरानी को लेकर कड़ा रुख अपनाते हुए राज्य सरकार को 10 दिनों के भीतर तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी गठित करने का निर्देश दिया है। मुख्य न्यायाधीश एमएस सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने स्पष्ट किया कि मामले में अब और देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अदालत ने सरकार को 24 जून 2026 तक अनुपालन रिपोर्ट दाखिल करने के साथ-साथ राज्य की सभी ओपन जेलों की स्थिति, प्रबंधन व्यवस्था और कार्यप्रणाली का विस्तृत विवरण प्रस्तुत करने का आदेश दिया है।
अतिरिक्त समय की मांग खारिज, सरकार की दलीलों पर कोर्ट ने जताई नाराजगी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कमेटी गठन और रिपोर्ट तैयार करने के लिए आठ सप्ताह का अतिरिक्त समय मांगा गया था। हालांकि अदालत ने इस मांग को खारिज करते हुए कहा कि समय बढ़ाने के लिए पर्याप्त और स्पष्ट कारण प्रस्तुत नहीं किए गए हैं। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि जब सर्वोच्च न्यायालय पहले ही मॉनिटरिंग कमेटी की संरचना निर्धारित कर चुका है, तब ड्राफ्ट कमेटी तैयार करने की दलील तर्कसंगत नहीं है।
विधिक सेवा प्राधिकरण, गृह विभाग और कारा विभाग के अधिकारी होंगे शामिल
अदालत के निर्देशानुसार गठित की जाने वाली तीन सदस्यीय मॉनिटरिंग कमेटी में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण का एक प्रतिनिधि, गृह विभाग का एक वरिष्ठ अधिकारी तथा कारा विभाग का डीआईजी स्तर का अधिकारी शामिल होगा। यह कमेटी राज्य की ओपन जेलों की निगरानी, व्यवस्थाओं की समीक्षा और सुधार संबंधी सुझावों पर काम करेगी। मामले की अगली सुनवाई 25 जून को निर्धारित की गई है, जिसमें सरकार से प्रगति रिपोर्ट और कमेटी गठन की जानकारी मांगी जाएगी।