Bengal Politics: पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की कानूनी परेशानियां लगातार बढ़ती नजर आ रही हैं. हाल ही में सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में दर्ज मामले के बाद अब उनके खिलाफ कोलकाता के हेयर स्ट्रीट थाने में भी एक नई एफआईआर दर्ज की गई है. यह मामला विधानसभा चुनाव से पहले धर्मतला इलाके में आयोजित एक धरना कार्यक्रम के दौरान दिए गए कथित बयान से जुड़ा हुआ है.
धरना मंच पर दिए गए भाषण को लेकर दर्ज हुआ मामला
मिली जानकारी के अनुसार, ममता बनर्जी पर चुनाव से पहले कोलकाता में आयोजित विरोध प्रदर्शन के दौरान सांप्रदायिक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है. शिकायत के आधार पर हेयर स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता की धारा 196(1), 351(2) और 352 के तहत मामला दर्ज किया गया है.
शिकायतकर्ता ने सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ने की आशंका जताई
इस मामले में शिकायत तुषार कांति दास की ओर से दर्ज कराई गई है. शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ममता बनर्जी के कथित बयान से राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच तनाव पैदा होने और सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित होने का खतरा उत्पन्न हो सकता था. शिकायतकर्ता का कहना है कि इस तरह के बयान सामाजिक माहौल को नुकसान पहुंचा सकते हैं.
एसआईआर के विरोध में धर्मतला में दिया था धरना
विधानसभा चुनाव से पहले ममता बनर्जी ने विशेष गहन पुनरीक्षण यानी एसआईआर के विरोध में कोलकाता में धरना प्रदर्शन किया था. शुरुआत में रानी रश्मोनी रोड पर प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने के बाद वह एस्प्लेनेड स्थित वाई चैनल और धर्मतला इलाके में धरने पर बैठी थीं. इसी कार्यक्रम के दौरान दिए गए भाषण को लेकर अब विवाद खड़ा हो गया है.
भतीजे अभिषेक बनर्जी भी अलग मामले में जांच का सामना कर रहे हैं
यह एफआईआर ऐसे समय दर्ज हुई है जब तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी भी विवादों में घिरे हुए हैं. उन पर चुनावी हिंसा और विधायकों के कथित फर्जी हस्ताक्षर से जुड़े आरोप लगाए गए हैं. इन आरोपों को लेकर वह फिलहाल सीआईडी जांच का सामना कर रहे हैं.
मई में सिलीगुड़ी साइबर क्राइम थाने में भी दर्ज हुआ था मामला
इससे पहले मई महीने में एडवोकेट रिंकी चट्टोपाध्याय सिंह की शिकायत पर सिलीगुड़ी साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में ममता बनर्जी के खिलाफ एक अन्य एफआईआर दर्ज की गई थी. शिकायत में आरोप लगाया गया था कि उन्होंने सनातन धर्म को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की और ऐसे बयान दिए जिनसे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं. शिकायत में यह भी कहा गया था कि उनके बयान से विभिन्न समुदायों के बीच तनाव बढ़ने की आशंका पैदा हुई.
चुनावी हार के बाद बढ़ा दबाव
2026 के विधानसभा चुनाव में तृणमूल कांग्रेस को मिली बड़ी हार के बाद पार्टी के भीतर असंतोष और बगावत की खबरें भी सामने आ रही हैं. इसी बीच लगातार दर्ज हो रहे मामलों ने ममता बनर्जी और पार्टी नेतृत्व की राजनीतिक चुनौतियों को और बढ़ा दिया है.