Ranchi News : कोडरमा-रांची रेल परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा वितरण में कथित अनियमितताओं की जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को पूर्व भू-अर्जन पदाधिकारी शारदानंद देव के खिलाफ कई महत्वपूर्ण तथ्य मिले हैं। जांच एजेंसी का दावा है कि उनके खर्च और निवेश उनकी वैध आय की तुलना में कई गुना अधिक पाए गए हैं, जिससे आय से अधिक संपत्ति के आरोपों को बल मिला है।
16 लाख की आय, 90 लाख से अधिक खर्च और निवेश
एसीबी की जांच के अनुसार निर्धारित जांच अवधि के दौरान शारदानंद देव की वैध आय करीब 16.47 लाख रुपये थी। वहीं उनके खर्च, निवेश और संपत्तियों का मूल्य 90 लाख रुपये से अधिक पाया गया है। जांच एजेंसी का कहना है कि यह राशि उनकी ज्ञात आय के स्रोतों की तुलना में लगभग पांच गुना अधिक है, जो गंभीर वित्तीय अनियमितता की ओर संकेत करती है।
जांच अधिकारियों के मुताबिक आय और व्यय के बीच इतना बड़ा अंतर मिलने के बाद मामले की गहन वित्तीय जांच शुरू की गई है। विभिन्न बैंक खातों, निवेशों और संपत्तियों से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की जा रही है।
परिजनों के नाम पर जमीन और तीन मंजिला मकान की जानकारी
जांच के दौरान एसीबी को यह भी जानकारी मिली है कि आरोपी अधिकारी के परिजनों के नाम पर कई जमीनें खरीदी गई थीं। इसके अलावा बोकारो के चास क्षेत्र में एक तीन मंजिला मकान होने की जानकारी भी सामने आई है। एजेंसी अब इन संपत्तियों के वित्तीय स्रोतों और खरीद प्रक्रिया की जांच कर रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि संपत्तियों के अधिग्रहण में कहीं अवैध धन का उपयोग तो नहीं किया गया। इसके लिए जमीन रजिस्ट्रेशन, बैंक लेन-देन और अन्य वित्तीय रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।
एसीबी जांच में यह आरोप भी सामने आया है कि भूमि अधिग्रहण के दौरान मुआवजा राशि जारी करने के बदले लाभुकों से कथित तौर पर कमीशन लिया गया था। जांच एजेंसी इस पहलू की भी गहराई से जांच कर रही है। कई दस्तावेजों और वित्तीय लेन-देन की जांच के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि कथित कमीशन का लाभ किन लोगों तक पहुंचा।
अधिकारियों का मानना है कि यदि आरोपों की पुष्टि होती है तो यह मामला केवल आय से अधिक संपत्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भ्रष्टाचार और पद के दुरुपयोग से जुड़े गंभीर आरोप भी स्थापित हो सकते हैं।
बैंक लेन-देन और नेटवर्क की जांच जारी, आगे हो सकती है बड़ी कानूनी कार्रवाई
एसीबी की टीम बैंक खातों में जमा रकम, नकद लेन-देन और संपत्तियों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों का मिलान कर रही है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने में जुटी है कि कथित अनियमितताओं में कोई अन्य व्यक्ति या नेटवर्क शामिल था या नहीं।
सूत्रों के अनुसार, जांच के दायरे में कई वित्तीय लेन-देन और संबंधित व्यक्तियों की भूमिका भी शामिल की गई है। एजेंसी जल्द ही कुछ और लोगों से पूछताछ कर सकती है।
एसीबी अधिकारियों का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यदि आरोप प्रमाणित होते हैं तो संबंधित धाराओं के तहत अभियोजन की प्रक्रिया भी शुरू की जा सकती है। फिलहाल एजेंसी पूरे मामले के वित्तीय और प्रशासनिक पहलुओं की विस्तृत जांच में जुटी हुई है।