Current News: दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के पुनर्मूल्यांकन पोर्टल को दोबारा खोलने की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस चरण में पोर्टल फिर से खोलने से पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया, परीक्षा परिणामों और विभिन्न संस्थानों की प्रवेश प्रक्रिया पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि सीबीएसई छात्रों को पुनर्मूल्यांकन के लिए पहले ही दो अवसर दे चुका है। अब तक लगभग 1.67 लाख छात्र आवेदन कर चुके हैं और करीब 3.8 लाख उत्तर पुस्तिकाओं की समीक्षा की जा रही है।
चार दिन की मोहलत मांग रहा था एनएसयूआई
नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (एनएसयूआई) ने पुनर्मूल्यांकन आवेदन की अंतिम तिथि चार दिन बढ़ाने की मांग की थी। संगठन का कहना था कि कई छात्र समय पर आवेदन नहीं कर पाए हैं और पुनर्मूल्यांकन के बाद अंक बढ़ने से उन्हें बेहतर संस्थानों में प्रवेश का अवसर मिल सकता है। अदालत ने कहा कि पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया पहले से चल रही है और इस समय उसमें हस्तक्षेप करना उचित नहीं होगा। कोर्ट ने माना कि पोर्टल दोबारा खोलने से पूरी प्रक्रिया में देरी हो सकती है और इससे अन्य छात्रों पर भी असर पड़ सकता है।
व्यक्तिगत शिकायतों के लिए कानूनी रास्ता खुला
हाईकोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि किसी छात्र या अभिभावक को व्यक्तिगत रूप से कोई शिकायत है, तो वह कानून के तहत अलग से उचित कानूनी उपाय अपना सकता है। फिलहाल अदालत के फैसले के बाद सीबीएसई की पुनर्मूल्यांकन प्रक्रिया निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जारी रहेगी और पोर्टल दोबारा नहीं खोला जाएगा।