भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों को प्राथमिकता देने के निर्देश
बैठक के दौरान उपायुक्त ने प्रत्येक परियोजना के तहत अधिग्रहित की जाने वाली जमीन, लंबित मामलों, मुआवजा भुगतान की स्थिति, रैयतों के साथ समन्वय, अभिलेखों में मौजूद त्रुटियों और अन्य प्रशासनिक प्रक्रियाओं की बिंदुवार जानकारी ली. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि भूमि अधिग्रहण से संबंधित सभी लंबित मामलों का प्राथमिकता के आधार पर जल्द निपटारा किया जाए ताकि निर्माण कार्य में किसी तरह की बाधा उत्पन्न न हो.
सुरक्षित और सुगम आवागमन के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही हैं परियोजनाएं
उपायुक्त मनीष कुमार ने कहा कि रेलवे ओवरब्रिज का निर्माण क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाने और लोगों को सुरक्षित व सुगम आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है. इन परियोजनाओं के पूरा होने से जाम की समस्या में भी राहत मिलने की उम्मीद है. उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को पूरा करना प्रशासन की प्राथमिकताओं में शामिल है.
रैयतों से लगातार संवाद और क्षेत्रीय निरीक्षण पर दिया गया जोर
बैठक में जिला भू अर्जन पदाधिकारी और संबंधित अंचलाधिकारियों को नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण करने तथा भूमि अधिग्रहण से जुड़ी समस्याओं का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया. उपायुक्त ने प्रभावित रैयतों के साथ लगातार संवाद बनाए रखने और पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी तथा सरल बनाने पर विशेष जोर दिया.
विभागों के बीच बेहतर समन्वय से दूर होंगी बाधाएं
उपायुक्त ने राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल और राजस्व विभाग के अधिकारियों को आपसी तालमेल के साथ काम करने की हिदायत दी. उन्होंने कहा कि सभी विभाग नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करें और सामने आने वाली बाधाओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करें. विकास कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगी और सभी विभागों को अपने दायित्वों का गंभीरता के साथ निर्वहन करना होगा.
समीक्षा बैठक में कई वरिष्ठ अधिकारी रहे मौजूद
बैठक में उप विकास आयुक्त उत्कर्ष कुमार, अपर उपायुक्त किस्टो कुमार बेसरा, जिला भू अर्जन पदाधिकारी, पोड़ाहाट चक्रधरपुर अनुमंडल पदाधिकारी, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल चाईबासा के कार्यपालक अभियंता तथा संबंधित अंचलाधिकारी उपस्थित रहे. बैठक के दौरान इन महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का निर्णय लिया गया.
पश्चिमी सिंहभूम में प्रस्तावित रेलवे ओवरब्रिज परियोजनाओं को लेकर जिला प्रशासन अब तेजी से आगे बढ़ रहा है. प्रशासन का फोकस भूमि अधिग्रहण से जुड़े लंबित मामलों को जल्द सुलझाने और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर है, ताकि लोगों को सुरक्षित और सुगम यातायात की सुविधा समय पर मिल सके.