Ranchi News : झारखंड में सड़क और पुलों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। पथ निर्माण विभाग ने 100 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं को मंजूरी दी है। इन योजनाओं से गिरिडीह, दुमका, पलामू समेत कई जिलों में आवागमन की सुविधा बेहतर होगी और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।
गिरिडीह में तीन नए उच्चस्तरीय पुल बनेंगे, दुमका और पलामू में सड़कों का होगा उन्नयन
गिरिडीह जिले में के.बी.ओ. मोड़ से तिरंगा चौक के बीच तीन नदियों पर नए उच्चस्तरीय पुलों का निर्माण किया जाएगा। बीडपोक नदी पर 4.87 करोड़ रुपये, तेलखरा नदी पर 2.86 करोड़ रुपये और कैनाल पर 1.59 करोड़ रुपये की लागत से पुल बनाए जाएंगे। पुराने और जर्जर ढांचों की जगह बनने वाले इन पुलों से बरसात के मौसम में होने वाली परेशानी और जाम की समस्या से राहत मिलने की उम्मीद है।
दुमका जिले में सरडीहा से बेलगुमा होते हुए चमराबिहियार स्कूल तक लगभग 2.8 किलोमीटर सड़क के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण पर 12.48 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों की कनेक्टिविटी मजबूत होगी और लोगों को बेहतर यातायात सुविधा मिलेगी।
वहीं पलामू जिले में गढ़वा-शाहपुर पथ के करीब 17.44 किलोमीटर हिस्से की गुणवत्ता सुधारने के लिए 13.71 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। सड़क उन्नयन से क्षेत्र में परिवहन व्यवस्था और अधिक सुगम होने की संभावना है।
नौडीहा बाजार बाईपास से झारखंड-बिहार संपर्क होगा मजबूत
नौडीहा बाजार बाईपास पथ के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। 3.14 किलोमीटर लंबी इस सड़क पर 21.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह मार्ग छत्तरपुर से शुरू होकर नौडीहा बाजार, तुरकाडीह, धोबिनी, निमा, हरिना और बारा तक जाएगा। इस परियोजना से झारखंड और बिहार के बीच संपर्क बेहतर होगा, साथ ही स्थानीय बाजारों और ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ मिलेगा।
दो बड़े कॉरिडोर परियोजनाओं की डीपीआर तैयार होगी
राज्य सरकार ने दो महत्वाकांक्षी कॉरिडोर परियोजनाओं की फिजिबिलिटी स्टडी और डीपीआर तैयार करने की भी मंजूरी दी है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में इस कार्य पर 3.68 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।
इनमें झुमरी तिलैया से ओडिशा सीमा तक प्रस्तावित लगभग 210 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर तथा रांची से देवघर तक प्रस्तावित 170 किलोमीटर लंबा बिरसा-लुगुबुरु-पारसनाथ पर्यटन कॉरिडोर शामिल हैं। इन परियोजनाओं के विकसित होने से पर्यटन, व्यापार और क्षेत्रीय संपर्क को नई गति मिलने की उम्मीद है।
पथ निर्माण विभाग के अनुसार सभी स्वीकृत परियोजनाओं पर इसी वित्तीय वर्ष में काम शुरू करने की तैयारी की जा रही है। कार्यों की प्रगति की निगरानी मुख्य अभियंता स्तर पर हर महीने की जाएगी, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर परियोजनाएं पूरी हो सकें। इन योजनाओं के धरातल पर उतरने से राज्य में आवागमन आसान होगा और आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।