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  • 2026-06-16

Jharkhand Politics: राज्यसभा चुनाव से पहले झारखंड में सियासी हलचल तेज, JMM के "56 नहीं 61" सोशल मिडिया पोस्ट से बढ़ी अटकलें

Jharkhand Politics: झारखंड में राज्यसभा की दो सीटों पर होने वाले चुनाव को लेकर सियासी गतिविधियां तेज हो गई हैं. एनडीए और इंडिया गठबंधन दोनों ही अपने-अपने विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम कर रहे हैं. इसी बीच झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) के एक सोशल मिडिया पोस्ट ने राजनीतिक गलियारों में नई चर्चा छेड़ दी है.



18 जून को होगी तस्वीर साफ
जेएमएम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, "56 नहीं 61". पार्टी के इस संदेश को लेकर सियासी जानकार कई तरह के मायने निकाल रहे हैं. माना जा रहा है कि जेएमएम ने इशारा किया है कि इंडिया गठबंधन के पास सिर्फ 56 विधायकों का समर्थन नहीं है, बल्कि संख्या 61 तक पहुंच चुकी है. हालांकि इसकी वास्तविक तस्वीर 18 जून को होने वाली वोटिंग के बाद ही साफ होगी.

राज्यसभा चुनाव में मुकाबला मुख्य रूप से जेएमएम के बैजनाथ राम, कांग्रेस के प्रणव झा और भाजपा समर्थित निर्दलीय प्रत्याशी परिमल नाथवानी के बीच है. भाजपा परिमल नाथवानी के समर्थन में अपने विधायकों को लामबंद करने में जुटी है, वहीं कांग्रेस भी अपने उम्मीदवार के लिए समर्थन जुटाने में सक्रिय है.

होटल रेडिसन ब्लू में ठहरेंगे भाजपा विधायक
भाजपा ने एहतियात के तौर पर अपने विधायकों को होटल रेडिसन ब्लू में ठहराने की तैयारी की है. सभी विधायकों को मंगलवार दोपहर तक होटल पहुंचने के निर्देश दिए गए हैं. योजना के अनुसार एनडीए विधायक 18 जून को एक साथ विधानसभा पहुंचकर मतदान करेंगे. हालांकि सोमवार को हुई बैठक में भाजपा के सभी विधायक शामिल नहीं हुए, जिसके बाद राजनीतिक चर्चाएं और तेज हो गईं.

दूसरी ओर कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा भी लगातार नेताओं से मुलाकात कर समर्थन मजबूत करने में जुटे हैं. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव समेत कई नेताओं को विधायकों के संपर्क में रहने की जिम्मेदारी दी गई है. सोमवार को प्रणव झा की पटना में राजद नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद सियासी समीकरण को लेकर नई चर्चा शुरू हो गई है.

नाथवानी की जीत आसान नहीं
दरअसल, जब निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर परिमल नाथवानी मैदान में उतरे थे, तब इंडिया  गठबंधन में क्रॉस वोटिंग की आशंका जताई जा रही थी. राजनीतिक विश्लेषकों का कहना था कि बिना विपक्षी खेमे में सेंधमारी के नाथवानी की जीत आसान नहीं होगी. सोमवार तक यह चर्चा थी कि राजद विधायक उनका समर्थन कर सकते हैं, लेकिन तेजस्वी यादव से मुलाकात के बाद समीकरण बदलते नजर आ रहे हैं.

राज्यसभा चुनाव में जीत के लिए एक उम्मीदवार को करीब 28 वोटों की जरूरत होगी. इंडिया गठबंधन के पास फिलहाल 56 विधायकों का समर्थन बताया जा रहा है. अगर गठबंधन के सभी विधायक एकजुट रहते हैं तो दोनों उम्मीदवारों की जीत की संभावना मजबूत मानी जा रही है.

क्या एनडीए खेमे में सेंध लग सकती है?
जेएमएम के पोस्ट के बाद अब चर्चा इस बात की भी है कि क्या एनडीए खेमे में सेंध लग सकती है. अगर ऐसा होता है तो यह झारखंड की राजनीति में बड़ा उलटफेर होगा. वहीं परिमल नाथवानी के लिए यह चुनाव इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उन्होंने अब तक कई राज्यों में राज्यसभा चुनाव में जीत दर्ज की है और झारखंड में उनकी राह पहली बार चुनौतीपूर्ण दिख रही है.
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