Ranchi News : राजधानी रांची के निवारणपुर स्थित राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) कार्यालय को निशाना बनाने की कथित कोशिश के बाद पुलिस ने जांच तेज कर दी है। देर रात दो अज्ञात युवकों ने पेट्रोल से भरी बोतलें कार्यालय परिसर की ओर फेंकीं, लेकिन दोनों प्रयास विफल रहे और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। घटना की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) मौके पर पहुंचे और अधिकारियों के साथ घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने आसपास के इलाके को घेरकर जांच शुरू कर दी है।
CCTV में दिखे दो संदिग्ध, चिली सॉस की बोतलों से बनाया गया पेट्रोल बम
पुलिस जांच में सामने आया है कि पेट्रोल बम बनाने के लिए चिली सॉस की कांच की बोतलों का इस्तेमाल किया गया था। पहला पेट्रोल बम फेंकते समय उसमें लगी जलती सुतली नीचे गिर गई, जिससे वह निष्क्रिय हो गया। इसके बाद दूसरी बोतल फेंकी गई, लेकिन वह कार्यालय परिसर तक पहुंच ही नहीं सकी। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में दो संदिग्ध युवक कार्यालय की ओर जाते हुए दिखाई दिए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
घटना की वैज्ञानिक जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी लगाया गया है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की जांच के साथ-साथ आसपास के सभी सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और अभी तक किसी व्यक्ति, संगठन या समूह की संलिप्तता की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
SSP ने लिया घटनास्थल का जायजा, जांच में तेजी के निर्देश
घटना के बाद रांची के SSP स्वयं मौके पर पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को सभी संभावित पहलुओं पर जांच करने और आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। पुलिस स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है और घटनास्थल के आसपास की गतिविधियों की जानकारी जुटा रही है।
पुलिस अधिकारियों ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और जांच पूरी होने तक किसी भी तरह के निष्कर्ष पर नहीं पहुंचने की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
घटना के बाद गरमाई सियासत, भाजपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना
घटना के बाद राज्य की राजनीति भी गरमा गई। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी, पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास और केंद्रीय रक्षा राज्य मंत्री संजय सेठ घटनास्थल पहुंचे और पुलिस अधिकारियों से पूरे मामले की जानकारी ली।
भाजपा नेताओं ने मीडिया से बातचीत के दौरान राज्य की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजधानी में इस तरह की घटना बेहद गंभीर है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही। साथ ही आरोप लगाया कि ऐसी घटनाओं के जरिए राज्य का माहौल खराब करने और सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने की कोशिश की जा रही है।
हालांकि पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जांच अभी प्रारंभिक चरण में है और किसी भी व्यक्ति, संगठन या समूह की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि सभी तथ्यों और साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के पीछे की वास्तविक वजह सामने आएगी।