Ranchi: राजधानी रांची स्थित रिम्स की करीब सात एकड़ अधिग्रहित जमीन के कथित फर्जी हस्तांतरण और खरीद-बिक्री मामले में आरोपी प्रमोद कुमार महतो की अग्रिम जमानत याचिका पर एसीबी की विशेष अदालत में सुनवाई हुई। हालांकि बचाव पक्ष की ओर से विस्तृत बहस के लिए अतिरिक्त समय मांगे जाने के बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई 24 जून को निर्धारित कर दी। इस मामले में जांच कर रही भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) ने अदालत से आरोपी के खिलाफ वारंट प्राप्त कर लिया है। वारंट जारी होने के बाद प्रमोद कुमार महतो की गिरफ्तारी की संभावना बढ़ गई है। सूत्रों के अनुसार, गिरफ्तारी की आशंका के चलते वह फिलहाल पुलिस की पहुंच से बाहर बताया जा रहा है।
जमीन सौदे में अहम भूमिका का आरोप
जांच एजेंसी के अनुसार, प्रमोद कुमार महतो पेशे से भूमि कारोबारी है और जिस पावर ऑफ अटॉर्नी के आधार पर विवादित जमीन के लेन-देन किए गए, उसमें उसकी महत्वपूर्ण भूमिका सामने आई है। एसीबी का दावा है कि जमीन से जुड़े दस्तावेजों और सौदों में उसकी संलिप्तता की जांच की जा रही है। रिम्स भूमि प्रकरण में केवल निजी व्यक्तियों ही नहीं, बल्कि सरकारी तंत्र की भूमिका की भी जांच चल रही है। एसीबी की नजर इस मामले से जुड़े 16 सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों पर भी है। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि जमीन के कथित फर्जीवाड़े में किस स्तर तक मिलीभगत हुई।
एसीबी ने दर्ज किया है मामला
पूरे प्रकरण को लेकर एसीबी ने वर्ष 2026 में एक प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच एजेंसी का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल सभी की नजरें 24 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर टिकी हैं।