Current News : दिल्ली हाई कोर्ट ने नीट (NEET) परीक्षा के कथित पेपर लीक मामले से जुड़े टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि मामला गंभीर प्रकृति का है और जांच अभी जारी है। ऐसे में इस स्तर पर किसी तरह का हस्तक्षेप उचित नहीं होगा। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि जांच एजेंसियों को स्वतंत्र रूप से अपना काम करने दिया जाना चाहिए।
पेपर लीक में टेलीग्राम के इस्तेमाल की आशंका
नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक की जांच के दौरान जांच एजेंसियों को आशंका है कि टेलीग्राम के कुछ चैनलों और ग्रुपों के माध्यम से प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री साझा की गई थी। इसी आधार पर संबंधित चैनलों पर कार्रवाई की गई और रोक लगाने का निर्णय लिया गया था। जांच एजेंसियां डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क की पड़ताल कर रही हैं।
याचिकाकर्ता ने प्रतिबंध हटाने की मांग की थी, जांच प्रभावित नहीं होने देना चाहती अदालत
मामले में दायर याचिका में टेलीग्राम पर लगाए गए प्रतिबंध को हटाने की मांग की गई थी। याचिकाकर्ता का तर्क था कि प्लेटफॉर्म पर लगी रोक से बड़ी संख्या में सामान्य उपयोगकर्ताओं को भी परेशानी हो रही है और जांच के नाम पर पूरे मंच को प्रभावित करना उचित नहीं है।
हालांकि, अदालत ने इन दलीलों को स्वीकार नहीं किया और कहा कि जब तक जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस संबंध में कोई राहत देना उचित नहीं होगा।
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने कहा कि परीक्षा से जुड़े संवेदनशील मामलों में जांच की निष्पक्षता सर्वोपरि है। यदि इस समय किसी प्रकार का हस्तक्षेप किया गया तो जांच प्रभावित हो सकती है। अदालत ने माना कि जांच एजेंसियों को आवश्यक डिजिटल साक्ष्य एकत्र करने और पूरे मामले की तह तक पहुंचने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए।
जांच एजेंसियां जुटा रही हैं डिजिटल साक्ष्य
जांच एजेंसियां कथित पेपर लीक से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड, चैट, चैनलों और अन्य ऑनलाइन गतिविधियों की जांच कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि पेपर लीक में किन-किन लोगों की भूमिका थी और किस माध्यम का किस स्तर तक इस्तेमाल किया गया।
फिलहाल हाई कोर्ट के इस फैसले के बाद टेलीग्राम पर लागू प्रतिबंध यथावत रहेगा और मामले की आगे की सुनवाई एवं जांच प्रक्रिया पर सभी की नजर बनी रहेगी।