National News: नीट यूजी 2026 परीक्षा से पहले नागपुर के एक अभ्यर्थी को अबू धाबी परीक्षा केंद्र मिलने को लेकर उठे विवाद पर राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने स्थिति स्पष्ट की है. एनटीए ने कहा है कि परीक्षा शहर बदलने की प्रक्रिया उम्मीदवार के आधिकारिक लॉगिन अकाउंट से ही हुई थी.
एजेंसी के अनुसार, परीक्षा की नई तारीख तय होने के बाद अभ्यर्थियों को राहत देने के लिए परीक्षा केंद्र सुधार का विकल्प दोबारा उपलब्ध कराया गया था. इस सुविधा का इस्तेमाल करते हुए करीब 3.2 लाख उम्मीदवारों ने अपने परीक्षा शहर में बदलाव किया था.
99.5% उम्मीदवारों को मिला पसंद का शहर
एनटीए ने बताया कि शहर सुधार प्रक्रिया के बाद 99.5 प्रतिशत से अधिक अभ्यर्थियों को उनकी पसंद के अनुसार परीक्षा शहर आवंटित किया गया. एजेंसी का कहना है कि परीक्षा शहर बदलने से जुड़ी पूरी प्रक्रिया डिजिटल रिकॉर्ड के जरिए ट्रैक की जाती है.
विवादित मामले में एनटीए ने कहा कि सिस्टम रिकॉर्ड में उम्मीदवार के अकाउंट से अबू धाबी को परीक्षा शहर के रूप में चुना गया था. रिकॉर्ड में यह भी दर्ज है कि चयनित केंद्र को दो बार प्रीव्यू किया गया था.
परीक्षा से पहले नागपुर केंद्र की मांग की गई
एनटीए के मुताबिक, परीक्षा से करीब 48 घंटे पहले उम्मीदवार की तरफ से केंद्र को नागपुर में बदलने का अनुरोध किया गया. इसके बाद अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लेते हुए उम्मीदवार के पिता से संपर्क किया और जरूरी प्रक्रिया पूरी कराई. छात्र के हित को देखते हुए एनटीए ने केंद्र परिवर्तन के अनुरोध को स्वीकार कर लिया.
NTA ने कहा- किसी छात्र का भविष्य प्रभावित नहीं होगा
एनटीए ने दोहराया कि परीक्षा प्रक्रिया को निष्पक्ष और पारदर्शी बनाए रखना उसकी प्राथमिकता है. एजेंसी ने कहा कि "स्टूडेंट फर्स्ट अप्रोच" के तहत यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी तकनीकी या प्रशासनिक वजह से कोई अभ्यर्थी परीक्षा से वंचित न हो. नीट यूजी 2026 परीक्षा देशभर और विदेशों में निर्धारित केंद्रों पर आयोजित की जाएगी.