International Yoga Day: अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के जबलपुर में आयोजित राज्य स्तरीय कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने लोगों से योग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की. उन्होंने कहा कि योग सिर्फ शरीर को फिट रखने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह मन और भावनाओं को भी संतुलित रखता है. उनके अनुसार नियमित योग करने से व्यक्ति लंबे समय तक स्वस्थ और सक्रिय रह सकता है.
बढ़ती उम्र में योग की अहमियत पर राष्ट्रपति ने दिया खास संदेश
जबलपुर के गैरिसन ग्राउंड में आयोजित समारोह में राष्ट्रपति ने कहा कि इस बार योग दिवस की थीम स्वस्थ बुढ़ापे के लिए योग रखी गई है, जो आज के समय में बेहद प्रासंगिक है. उन्होंने कहा कि लगातार योग करने से शरीर की क्षमता बनी रहती है और मानसिक शांति भी मिलती है. राष्ट्रपति ने मां नर्मदा की नगरी जबलपुर पहुंचने पर खुशी जताई और कहा कि भारत की योग परंपरा अब दुनिया के कई देशों को एक सूत्र में जोड़ने का काम कर रही है. उन्होंने लोगों से कहा कि योग को केवल 21 जून तक सीमित न रखें, बल्कि इसे रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बनाएं. उनका कहना था कि तनाव, अवसाद और बदलती जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं के बीच योग बेहतर जीवन का मजबूत आधार बनकर उभरा है.
हजारों लोगों ने किया योग, जनप्रतिनिधियों ने भी लिया हिस्सा
कार्यक्रम में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु के साथ राज्यपाल मंगुभाई पटेल, मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे. करीब पांच हजार लोगों ने सामूहिक योगाभ्यास में हिस्सा लिया. इसमें युवा, महिलाएं, स्कूली छात्र, वरिष्ठ नागरिक और समाज के विभिन्न वर्गों के लोग शामिल हुए. योग प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन में प्रतिभागियों ने कई योगासन और प्राणायाम किए तथा नियमित योग करने का संकल्प लिया.
योग दुनिया को भारत की अनमोल देन, बोले मुख्यमंत्री मोहन यादव
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा कि योग भारत की प्राचीन विरासत है, जिसे आज पूरी दुनिया अपना रही है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रयासों के बाद अंतरराष्ट्रीय योग दिवस वैश्विक अभियान का रूप ले चुका है और इसे 175 से अधिक देशों का समर्थन मिला है. मुख्यमंत्री ने लोगों से रोज योग करने की अपील करते हुए कहा कि अगर इसे जीवनशैली का हिस्सा बनाया जाए तो कई बीमारियों और मानसिक तनाव से काफी हद तक बचा जा सकता है.
जबलपुर में आयोजित यह कार्यक्रम केवल योग दिवस का आयोजन नहीं था, बल्कि लोगों को स्वस्थ और संतुलित जीवन की ओर प्रेरित करने का संदेश भी था. विशेषज्ञों और जनप्रतिनिधियों का मानना है कि नियमित योग बेहतर स्वास्थ्य और मानसिक शांति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है.