International Breaking: ब्रिटेन की राजनीति में सोमवार को उस समय बड़ी हलचल मच गई जब प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर ने अपने पद से इस्तीफा देने की घोषणा कर दी। सत्तारूढ़ लेबर पार्टी के भीतर बढ़ते असंतोष और सांसदों की नाराजगी के बीच लिया गया यह फैसला देश की राजनीति में नए समीकरणों की चर्चा को जन्म दे रहा है। स्टार्मर के इस्तीफे के बाद सत्ता परिवर्तन की अटकलें भी तेज हो गई हैं।
पार्टी के भीतर बढ़ता असंतोष बना इस्तीफे की वजह
बीते कुछ दिनों से ब्रिटिश राजनीतिक गलियारों में स्टार्मर के नेतृत्व को लेकर सवाल उठ रहे थे। बताया जा रहा है कि लेबर पार्टी के भीतर एक बड़ा वर्ग उनके नेतृत्व से असंतुष्ट था, जिसके चलते उनके प्रधानमंत्री पद पर बने रहने को लेकर अनिश्चितता बढ़ती जा रही थी। इसी बढ़ते दबाव के बीच स्टार्मर ने अपने पद छोड़ने का फैसला लिया।
इस्तीफे की जिम्मेदारी खुद ली, नए नेतृत्व को दिया पूरा समर्थन
सोमवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कीर स्टार्मर ने प्रधानमंत्री पद के साथ-साथ लेबर पार्टी के नेता का पद भी छोड़ने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम की जिम्मेदारी वह स्वयं लेते हैं और देश व पार्टी के हितों को सर्वोपरि मानते हैं। अपने संबोधन में उन्होंने नए नेतृत्व को पूरा सहयोग देने का भरोसा भी जताया, जिसे सत्ता हस्तांतरण की प्रक्रिया को सहज बनाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।
अब नए नेतृत्व की तलाश में लेबर पार्टी
स्टार्मर के इस्तीफे के बाद अब लेबर पार्टी के सामने नए नेता के चयन की बड़ी चुनौती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि पार्टी को जल्द ही नए नेतृत्व का फैसला करना होगा ताकि सरकार और संगठन दोनों स्तरों पर स्थिरता बनी रहे। वहीं, विपक्षी दलों और अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक पर्यवेक्षकों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि लेबर पार्टी का अगला नेता कौन होगा और ब्रिटेन की राजनीति आगे किस दिशा में बढ़ेगी।