Ranchi News : रिम्स-2 परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन और विस्थापन के मुद्दे को लेकर ग्रामीणों ने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। प्रभावित ग्रामीणों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और अब तक न तो उचित मुआवजा मिला है और न ही पुनर्वास की स्पष्ट व्यवस्था की गई है। इसको लेकर क्षेत्र में विरोध लगातार तेज होता जा रहा है।
जमीन अधिग्रहण प्रक्रिया पर ग्रामीणों ने उठाए सवाल
धरना पर बैठे ग्रामीणों का कहना है कि प्रशासन द्वारा अधिग्रहण की प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। उनका आरोप है कि कई परिवारों की आजीविका पूरी तरह खेती पर निर्भर है, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान किए बिना परियोजना को आगे बढ़ाया जा रहा है। ग्रामीणों ने मांग की है कि जब तक उनकी सभी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक धरना जारी रहेगा।
मुआवजा और पुनर्वास नीति स्पष्ट करने की मांग
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार पहले प्रभावित परिवारों के लिए उचित मुआवजा, पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था सुनिश्चित करे। उनका कहना है कि केवल आर्थिक मुआवजा पर्याप्त नहीं है, बल्कि विस्थापित होने वाले परिवारों के भविष्य और आजीविका की भी गारंटी दी जानी चाहिए।
धरनास्थल पर मौजूद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और राज्य सरकार से वार्ता की मांग की है। उनका कहना है कि कई बार अपनी बात रखने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला है। ऐसे में अब आंदोलन ही उनके पास अंतिम विकल्प बचा है।
RIMS-2 परियोजना को बताया स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण
दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि रिम्स-2 परियोजना राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए एक महत्वपूर्ण योजना है। परियोजना के पूरा होने से मरीजों को बेहतर इलाज, आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं और अतिरिक्त अस्पताल क्षमता उपलब्ध होगी। हालांकि प्रशासन ने यह भी कहा है कि प्रभावित लोगों के हितों का ध्यान रखते हुए नियमानुसार आगे की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। ग्रामीणों ने स्पष्ट कर दिया है कि जब तक उनकी मांगों पर लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। फिलहाल धरनास्थल पर बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद हैं और स्थिति पर प्रशासन की नजर बनी हुई है।