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  • 2026-06-23

Gold & Silver Rate: होर्मुज स्ट्रेट खुलने की उम्मीदों के बीच थमी सर्राफा बाजार की रफ्तार, सोना स्थिर, चांदी की कीमतों में बड़ा उछाल

Gold & Silver Rate: अमेरिका और ईरान के बीच हुए हालिया शांति समझौते के बाद वैश्विक बाजार में निवेशक काफी सतर्क रुख अपना रहे हैं। इस समझौते के तहत होर्मुज स्ट्रेट (Strait Of Hormuz) के दोबारा खुलने की उम्मीदों ने अंतरराष्ट्रीय बाजार की पूरी स्थिति को बदल दिया है। हालांकि, भारत में शादियों का सीजन करीब होने की वजह से घरेलू बाजार में सोने की मांग मजबूती के साथ लगातार स्थिर बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय बुलियन मार्केट की हलचल और रुपये-डॉलर के उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारतीय कीमतों पर दिख रहा है, जिससे फिलहाल प्रमुख शहरों में दरें एक सीमित दायरे में ही बनी हुई हैं।

सोने के भाव में स्थिरता और तेजी
घरेलू बाजार में आज सोने की कीमतों में हल्की स्थिरता के साथ सुरक्षित कारोबार देखा जा रहा है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर सोने का अगस्त वायदा मूल्य 1.1 प्रतिशत बढ़कर ₹1,49,236 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया है। वहीं, फिजिकल बुलियन मार्केट में सोने की कीमत लगभग ₹1,47,310 प्रति 10 ग्राम दर्ज की गई है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे देश के महानगरों में 24 कैरेट सोने का भाव ₹1,46,520 से ₹1,46,670 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर बना हुआ है।

चांदी की कीमतों में जोरदार उछाल
मजबूत निवेश और औद्योगिक मांग के चलते आज चांदी की कीमतों में सोने के मुकाबले ज्यादा बड़ी तेजी देखने को मिली है। MCX पर चांदी का जुलाई वायदा मूल्य 2.06 प्रतिशत की भारी बढ़त के साथ ₹2,37,990 प्रति किलोग्राम पर पहुंच गया है। दूसरी ओर, खुदरा बाजार में चांदी की कीमत और भी ऊंचे स्तर यानी ₹2,49,900 प्रति किलोग्राम पर मजबूती से टिकी हुई है। वैश्विक विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) रुझानों के कारण चांदी की कीमतों में हमेशा सोने की तुलना में थोड़ी अधिक अस्थिरता देखी जाती है।

भविष्य के संकेत और बदलाव के कारण
भारत में सोने और चांदी के रोजाना रेट कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कारणों पर निर्भर करते हैं। इनमें आयात शुल्क (इंपोर्ट ड्यूटी), डॉलर के मुकाबले रुपये की स्थिति, स्थानीय टैक्स, और कच्चे तेल के बाजार में होने वाले बदलाव मुख्य भूमिका निभाते हैं। जानकारों का मानना है कि आने वाले समय में वैश्विक आर्थिक नीतियां और अमेरिका-ईरान शांति वार्ता से जुड़े घटनाक्रम ही हमारे घरेलू सर्राफा बाजार का अगला महत्वपूर्ण रुझान तय करेंगे।
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