JPSC JSSC Student Protest: JPSC और JSSC की परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के खिलाफ चल रहा छात्रों का आंदोलन सोमवार को बड़े प्रदर्शन में बदल गया. राज्य के अलग-अलग हिस्सों से रांची पहुंचे हजारों अभ्यर्थी तिरंगा, पोस्टर और मांगों से जुड़ी तख्तियां लेकर नए विधानसभा भवन की ओर मार्च के लिए निकले. प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा व्यवस्था में सुधार और कथित गड़बड़ियों की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की.
छात्रों के विधानसभा मार्च को देखते हुए प्रशासन ने पुराने विधानसभा के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी थी. बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती के साथ रास्ते में बैरिकेड लगाए गए थे. हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों की भीड़ ने पहली बैरिकेडिंग को पार कर आगे बढ़ना शुरू कर दिया.
स्थिति को देखते हुए JPSC-JSSC रिफॉर्म मार्च से जुड़े प्रतिनिधियों ने छात्रों से शांति बनाए रखने की अपील की. मंच की ओर से कहा गया कि आंदोलन को सफल बनाने के लिए अनुशासन और शांतिपूर्ण प्रदर्शन सबसे महत्वपूर्ण है. प्रदर्शनकारियों से किसी भी तरह की हिंसक गतिविधि से दूर रहने को कहा गया.
तीन दौर की बातचीत के बाद भी नहीं निकला रास्ता
छात्रों के विधानसभा मार्च के पीछे सरकार के साथ हुई वार्ताओं का बेनतीजा रहना अहम वजह बताया जा रहा है. सरकार और छात्र प्रतिनिधियों के बीच तीन चरणों में बातचीत हो चुकी है. इन बैठकों में परीक्षा रद्द करने, कथित अनियमितताओं की जांच और भर्ती परीक्षाओं की व्यवस्था में बदलाव जैसे मुद्दों पर चर्चा हुई.
हालांकि, बातचीत के बावजूद छात्रों की कई प्रमुख मांगों पर अंतिम सहमति नहीं बन सकी. इसके बाद छात्रों ने अपने पूर्व निर्धारित विधानसभा मार्च को जारी रखने का फैसला किया.
JSSC-CGL की CBI जांच पर बनी रही असहमति
वार्ता में सबसे बड़ा विवाद JSSC-CGL परीक्षा की जांच को लेकर सामने आया. छात्र प्रतिनिधि इस मामले की जांच CBI जैसी स्वतंत्र एजेंसी से कराने की मांग पर कायम रहे.
वहीं, सरकार की ओर से CBI जांच के अलावा दूसरे विकल्पों के जरिए जांच कराने की बात रखी गई. छात्र प्रतिनिधियों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया. उनका कहना है कि परीक्षा से जुड़े आरोपों की निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच के लिए स्वतंत्र जांच एजेंसी जरूरी है.
इसी मुद्दे पर सहमति नहीं बनने के बाद छात्रों ने विधानसभा मार्च का रुख किया. प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक उनकी प्रमुख मांगों पर स्पष्ट निर्णय नहीं होता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा.