Jharkhand Politics: झारखंड से नवनिर्वाचित राज्यसभा सांसद झामुमो के वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ राम और भाजपा-एनडीए समर्थित निर्दलीय सांसद परिमल नथवानी ने गुरुवार को राज्यसभा सदस्य के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। राज्यसभा के सभापति एवं उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन ने दोनों को शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के दौरान बैद्यनाथ राम ने उपराष्ट्रपति का आशीर्वाद भी लिया और दोनों नेताओं ने अपने दायित्वों को पूरी निष्ठा से निभाने का संकल्प दोहराया।
मुख्यमंत्री की बधाई और जनअपेक्षाएं
बैद्यनाथ राम के शपथ ग्रहण पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने उन्हें बधाई देते हुए उम्मीद जताई कि वे राज्यसभा में झारखंड की जनता की आवाज को मजबूती से उठाएंगे। उन्होंने सामाजिक न्याय, समानता और संविधान के मूल्यों से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से रखने की बात कही। झामुमो नेत्री कल्पना मुर्मू सोरेन ने भी उन्हें शुभकामनाएं दीं और जनसेवा के संकल्प को और मजबूत होने की बात कही।
परिमल नथवानी का चौथा कार्यकाल, विकास पर फोकस का संकल्प
चौथी बार राज्यसभा सांसद बने परिमल नथवानी ने इसे अपने राजनीतिक जीवन का गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि यह उनका झारखंड से तीसरा कार्यकाल है और वे ग्रामीण विकास, स्वास्थ्य सेवाओं और कौशल विकास को गति देने के लिए काम करेंगे। उन्होंने एनडीए नेतृत्व और मतदाताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।
पीएम मोदी से मुलाकात, “विकसित भारत” विजन पर आगे बढ़ने का संकल्प
शपथ के बाद परिमल नथवानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार मुलाकात भी की। इस दौरान उन्होंने राज्यसभा चुनाव में समर्थन के लिए आभार जताया और कहा कि वे प्रधानमंत्री के “विकसित भारत” के विजन से प्रेरित होकर झारखंड के विकास को आगे बढ़ाने का कार्य करेंगे।
राज्यसभा चुनाव परिणाम, वोटिंग आंकड़े और सियासी हलचल
गौरतलब है कि 18 जून को हुए राज्यसभा चुनाव में झारखंड की दो सीटों पर मतदान हुआ था, जिसमें सभी 81 विधायकों ने वोट डाले थे। परिणामों में बैद्यनाथ राम को 30 प्रथम वरीयता वोट और परिमल नथवानी को 28 वोट मिले, जबकि कांग्रेस प्रत्याशी प्रणव झा को 20 वोट प्राप्त हुए। इस चुनाव के बाद सत्ता पक्ष में क्रॉस वोटिंग को लेकर राजनीतिक चर्चाएं भी तेज हो गई थीं।