Jharkhand News: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए सरकारी विद्यालयों में आयोजित होने वाली अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) का वार्षिक कैलेंडर जारी कर दिया है. नई व्यवस्था के तहत पूरे शैक्षणिक सत्र में चार चरणों में पीटीएम आयोजित की जाएगी. पहली बैठक 29 जून से 4 जुलाई 2026 के बीच होगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति में अभिभावकों की भागीदारी बढ़ाना और स्कूलों से उनका सीधा जुड़ाव सुनिश्चित करना है.
जारी कार्यक्रम के अनुसार पहली पीटीएम 29 जून से 4 जुलाई तक प्रतिदिन सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक आयोजित होगी. दूसरी बैठक 7 से 12 सितंबर तक सुबह 10:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक होगी. तीसरी पीटीएम 7 से 12 दिसंबर तक सुबह 9 बजे से 11:30 बजे तक आयोजित की जाएगी, जबकि चौथी और अंतिम बैठक 25 से 30 मार्च 2027 के बीच सुबह 9 बजे से 11:30 बजे तक होगी.
विद्यार्थियों की पढ़ाई, उपस्थिति और लर्निंग गैप पर होगी चर्चा
इन बैठकों के दौरान विद्यार्थियों की पढ़ाई की प्रगति की समीक्षा की जाएगी. साथ ही पढ़ाई में आ रही कमियों (लर्निंग गैप) की पहचान कर उन्हें दूर करने की रणनीति तैयार की जाएगी. नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने, स्कूल छोड़ चुके बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने और 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के सभी बच्चों का शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा. अभिभावकों को भी बच्चों की शिक्षा प्रक्रिया में सक्रिय रूप से शामिल करने का प्रयास किया जाएगा.
पीटीएम में विद्यालय प्रबंधन समिति (SMC), माता समिति और स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी भी सुनिश्चित की जाएगी. परिषद ने सभी विद्यालयों को बैठक से पहले व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया है, ताकि अधिक से अधिक अभिभावक इसमें शामिल हो सकें. बैठक समाप्त होने के बाद व्यय का पूरा विवरण निर्धारित समय के भीतर प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करना भी अनिवार्य होगा.
3,485 स्कूलों में चलेगा विशेष नामांकन अभियान
इसके साथ ही राज्य के 3,485 उच्च प्राथमिकता वाले विद्यालयों में आउट ऑफ स्कूल (OoSC) बच्चों के लिए विशेष नामांकन अभियान चलाया जाएगा. अभियान के तहत 5 से 18 वर्ष आयु वर्ग के ऐसे सभी बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्रों या विद्यालयों में शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा गया है.
पीटीएम के प्रचार-प्रसार के लिए प्रत्येक सरकारी विद्यालय को 200 रुपये की राशि स्वीकृत की गई है. राज्य के 35,091 सरकारी विद्यालयों के लिए जिलावार बजट भी जारी कर दिया गया है. परिषद ने सभी विद्यालयों को निर्देश दिया है कि निर्धारित मद में खर्च का समायोजन कर उसकी पूरी जानकारी समय पर प्रबंध पोर्टल पर अपलोड करें.