Giridih News: गिरिडीह के भंडारीडीह में मोहर्रम जुलूस के दौरान प्रशासन के कड़े नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ती दिखाई दीं। सरकारी पाबंदी के बावजूद, भारी भीड़ के बीच युवाओं ने आग के साथ ऐसे खतरनाक करतब दिखाए कि वहां मौजूद लोगों की सांसें अटक गईं। राहत की बात बस यही रही कि इतने जोखिम भरे खेल के बाद भी कोई बड़ा हादसा होने से टल गया।
जमीन पर बेअसर दिखी सरकारी रोक
इस जुलूस में युवाओं की टोली जलती हुई मशालों को मुंह में डालने और मुंह से आग के गोले उगलने जैसे जानलेवा स्टंट कर रही थी। घनी आबादी और खचाखच भरे इस बाजार वाले इलाके में जरा सी चूक भी किसी बड़ी तबाही का कारण बन सकती थी। स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रशासन हर साल ऐसे खतरनाक प्रदर्शनों पर रोक लगाने का सिर्फ कागजी दावा करता है, लेकिन जमीन पर हकीकत हमेशा इसके उलट ही दिखती है।
भारी भीड़ के बीच नियमों की उड़ी धज्जियां
सबसे हैरान करने वाली बात तो यह थी कि जब यह सब तमाशा चल रहा था, तब पुलिस और प्रशासन की टीम वहां मूकदर्शक बनकर खड़ी थी। भारी भीड़ और लोगों के भारी उत्साह के आगे अधिकारी पूरी तरह बेबस नजर आए और नियमों को लागू कराने की हिम्मत नहीं जुटा सके। इस लापरवाही ने आसपास के घरों, दुकानों और आम लोगों की सुरक्षा को सीधे तौर पर खतरे में डाल दिया था।
सरेआम लापरवाही पर उठे सवाल
अब बड़ा सवाल यह उठता है कि जब प्रशासन ने पहले ही इस तरह के जानलेवा खेलों पर पूरी तरह बैन लगा रखा था, तो फिर सरेआम यह सब कैसे होने दिया गया? क्या सरकारी नियम-कानून सिर्फ कागजों की शोभा बढ़ाने के लिए हैं, या फिर भविष्य में आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे खतरनाक खेलों पर सच में कोई ठोस रोक लग पाएगी?