Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग वाली जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. अदालत ने कहा कि मामले को सामान्य न्यायिक प्रक्रिया के तहत सूचीबद्ध किया जाएगा और जुलाई के दूसरे सप्ताह में इस पर सुनवाई होने की संभावना है. फिलहाल कोर्ट ने आरोपों के गुण-दोष पर कोई टिप्पणी नहीं की है.
तत्काल सुनवाई की मांग नहीं मानी
सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने याचिकाकर्ता से पूछा कि इस मामले में इतनी जल्द सुनवाई की आवश्यकता क्यों है. पीठ ने कहा कि यदि याचिका पर नियमित प्रक्रिया के अनुसार सुनवाई होती है तो इससे कोई असाधारण स्थिति पैदा नहीं होगी. इसके बाद अदालत ने तत्काल सूचीबद्ध करने का अनुरोध स्वीकार करने से इनकार कर दिया.
जुलाई के दूसरे सप्ताह में होगी सुनवाई
इस मामले पर जस्टिस एमएम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की खंडपीठ ने सुनवाई की. अदालत ने निर्देश दिया कि जनहित याचिका को नियमित सूची के तहत जुलाई के दूसरे सप्ताह में रखा जाए. न्यायालय के अनुसार, मामले पर 12 से 17 जुलाई के बीच सुनवाई होने की संभावना है.
याचिका में जांच की उठाई गई है मांग
जनहित याचिका में राम मंदिर में प्राप्त चढ़ावे और वित्तीय लेन-देन में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाते हुए केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है. हालांकि सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उसने फिलहाल केवल तत्काल सुनवाई के अनुरोध पर फैसला दिया है और आरोपों की सत्यता या जांच की आवश्यकता पर कोई राय व्यक्त नहीं की है. अब इस मामले पर आगे की सुनवाई निर्धारित तिथि पर नियमित न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी.