Dhanbad News: धनबाद सिविल कोर्ट ने हत्या के एक सनसनीखेज मामले में सुनवाई पूरी होने के बाद आरोपी को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. न्यायालय ने निरसा थाना कांड संख्या-338/22 की सुनवाई के बाद भुबनेश्वर महारा को हत्या का दोषी पाया और भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 302 (हत्या), 201 (साक्ष्य छिपाना) और 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) के तहत उम्रकैद की सजा सुनाई.
वैज्ञानिक और तकनीकी जांच बनी दोषसिद्धि का आधार
इस चर्चित मामले की जांच तत्कालीन अनुसंधानकर्ता एवं पुलिस अवर निरीक्षक मुकेश कुमार राउत ने की थी. जांच के दौरान उन्होंने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियों को जोड़ा तथा ठोस सबूत जुटाकर अदालत में मजबूत अनुसंधान रिपोर्ट प्रस्तुत की. इन्हीं साक्ष्यों ने अभियोजन पक्ष के मामले को मजबूती प्रदान की.
अभियोजन पक्ष ने रखे प्रभावी तर्क
मामले में अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक लोक अभियोजक सत्येंद्र राय ने अदालत में प्रभावी ढंग से पक्ष रखा. पुलिस की ओर से जुटाए गए वैज्ञानिक साक्ष्यों और अभियोजन की दलीलों से संतुष्ट होकर न्यायालय ने आरोपी भुबनेश्वर महारा को दोषी ठहराते हुए उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई. अदालत के इस फैसले को हत्या के मामलों में वैज्ञानिक जांच की अहम भूमिका का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है.