Ranchi News: झारखंड हाई कोर्ट ने मुक्त कराए गए 300 बंधुआ मजदूरों के दस्तावेजों का सत्यापन जल्द पूरा कर अंतिम सूची गढ़वा के उपायुक्त को सौंपने का निर्देश दिया है। अदालत ने कहा कि सत्यापन प्रक्रिया पूरी होने के बाद पात्र मजदूरों को सरकारी योजनाओं और पुनर्वास संबंधी सभी सुविधाओं का लाभ दिया जाए।
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने कोर्ट को बताया कि दस्तावेजों के सत्यापन के लिए 300 में से 229 मजदूर उपस्थित हुए थे। सरकार के अनुसार कई मजदूरों से संबंधित आवश्यक दस्तावेज अन्य राज्यों से अब तक प्राप्त नहीं हो सके हैं।
सत्यापन में देरी पर हाई कोर्ट ने जताई नाराजगी
इस पर हाई कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि याचिकाकर्ता द्वारा उपलब्ध कराई गई 300 मजदूरों की सूची का समय पर सत्यापन कर उन्हें सरकारी सहायता उपलब्ध कराई जानी चाहिए थी।
मुआवजा और पुनर्वास की मांग, 17 सितंबर को अगली सुनवाई
सुनवाई के दौरान जनहित सेवा प्रतिष्ठान की ओर से अदालत से मांग की गई कि बंधुआ मजदूरी प्रणाली (उन्मूलन) अधिनियम के तहत मुक्त कराए गए सभी 300 मजदूरों को जल्द मुआवजा, पुनर्वास और अन्य सरकारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं।
चीफ जस्टिस एम.एस. सोनक और न्यायमूर्ति राजेश शंकर की खंडपीठ ने मामले की सुनवाई की। अदालत ने अगली सुनवाई की तारीख 17 सितंबर निर्धारित की है।