Jharkhand Secretariat Service Association Protest: सचिवालय सेवा के अधिकारियों की पदोन्नति नियमावली में किए गए संशोधन के विरोध में शुक्रवार को झारखंड सचिवालय सेवा संघ के बैनर तले 500 से अधिक कर्मियों ने प्रोजेक्ट भवन में प्रदर्शन किया. प्रदर्शनकारियों ने कार्मिक सचिव के कार्यालय का घेराव कर सरकार के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की. इस दौरान सचिवालय परिसर में काफी देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा.
कर्मियों का आरोप है कि संशोधित नियमावली सचिवालय सेवा के अधिकारियों के हितों के खिलाफ है. उनका कहना है कि नए प्रावधानों के कारण पदोन्नति की प्रक्रिया लंबी हो जाएगी और अधिकारियों को करियर प्रगति में नुकसान उठाना पड़ेगा.
लेवल-7 से लेवल-8 प्रमोशन के लिए 8 साल इंतजार का आरोप
प्रदर्शन कर रहे कर्मियों ने कहा कि संशोधन के बाद लेवल-7 से लेवल-8 में पदोन्नति के लिए अब आठ वर्षों का इंतजार करना पड़ेगा. संघ का आरोप है कि दूसरी सेवाओं और संवर्गों के अधिकारियों को इससे पहले ही उच्च पदों पर पदोन्नति मिल जाएगी, जिससे सचिवालय सेवा के अधिकारियों के साथ असमानता पैदा होगी.
संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि सचिवालय सेवा में अवर सचिव के 225 से अधिक पद रिक्त हैं. इसके बावजूद रिक्त पदों को भरने और पदोन्नति की प्रक्रिया तेज करने के बजाय सरकार ने नियमों को और जटिल बना दिया है.
संशोधित नियम वापस लेने की मांग
झारखंड सचिवालय सेवा संघ ने सरकार से संशोधित पदोन्नति नियमावली पर पुनर्विचार करने और इसे वापस लेने की मांग की है. संघ ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा.
संघ ने चेतावनी दी कि भविष्य में आंदोलन तेज होने की स्थिति में इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और कार्मिक, प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग की होगी.