Jamtara News : होल्डिंग टैक्स में अनियमितता कर वर्षों से कम टैक्स जमा करने वाले भवन मालिकों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ जामताड़ा नगर पंचायत ने कार्रवाई तेज कर दी है। नगर विकास विभाग के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष री-असेसमेंट अभियान के तहत अब तक 75 संपत्तियों की रैंडम जांच की गई, जिनमें 50 से अधिक भवनों और दुकानों में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। प्रारंभिक जांच में नगर पंचायत को 74,413 रुपये के राजस्व नुकसान का अनुमान लगाया गया है।
स्वघोषणा प्रणाली का दुरुपयोग, भवनों की जानकारी छिपाकर जमा किया कम टैक्स
नगर पंचायत के अधिकारियों के अनुसार, सरकार ने कर व्यवस्था को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए सेल्फ असेसमेंट (स्वघोषणा) प्रणाली लागू की थी। इसके तहत भवन मालिकों को अपने भवन का वास्तविक क्षेत्रफल, मंजिलों की संख्या और उपयोग की सही जानकारी देकर टैक्स जमा करना था। जांच में सामने आया कि कई लोगों ने अतिरिक्त मंजिलें बनाने, भवन का विस्तार करने या आवासीय भवन का उपयोग दुकान, कार्यालय, गोदाम और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों के लिए करने के बावजूद इसकी जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज नहीं कराई। इसके कारण वर्षों से कम दर पर होल्डिंग टैक्स जमा किया जाता रहा।
गड़बड़ी मिलने पर जुर्माना और बकाया टैक्स की होगी वसूली
नगर पंचायत ने विशेष री-असेसमेंट अभियान के तहत घर-घर जाकर भवनों का भौतिक सत्यापन शुरू कर दिया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि जांच में गड़बड़ी मिलने पर आवासीय भवनों पर 2,000 रुपये और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर 5,000 रुपये का एकमुश्त जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही वास्तविक क्षेत्रफल और उपयोग के आधार पर होल्डिंग टैक्स का पुनर्निर्धारण कर निर्माण की तिथि से अब तक का पूरा बकाया टैक्स पेनाल्टी सहित वसूला जाएगा।
जांच में कई मामलों में रिकॉर्ड में एक मंजिल दर्ज होने के बावजूद मौके पर दो या तीन मंजिला भवन मिले। कई भवनों का व्यावसायिक उपयोग होने के बावजूद आवासीय दर से टैक्स जमा किया जा रहा था। कुछ मामलों में अतिरिक्त निर्माण और गोदाम बनाए जाने के बावजूद रिकॉर्ड अपडेट नहीं कराया गया था, जबकि कहीं रिकॉर्ड में खाली प्लॉट दर्ज था लेकिन मौके पर भवन का निर्माण हो चुका था।
नगर पंचायत ने चालू वित्तीय वर्ष में होल्डिंग टैक्स और ट्रेड लाइसेंस से 1 करोड़ 23 लाख 35 हजार रुपये राजस्व संग्रह का लक्ष्य रखा है। अधिकारियों का कहना है कि टैक्स चोरी पर रोक लगने से नगर निकाय की आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन उपलब्ध होंगे। वहीं, मिहिजाम नगर परिषद में पहले चरण की जांच में 25 संपत्तियों में से दो से तीन भवनों में ही अनियमितता मिली है, जबकि दूसरे चरण का सर्वेक्षण जारी है।