Ranchi News : राज अस्पताल ने मरीज राजू कुमार रंजन के इलाज को लेकर उठे विवाद पर अपना आधिकारिक पक्ष जारी करते हुए चिकित्सीय लापरवाही के आरोपों को खारिज किया है। अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि मरीज को 24 मई 2026 को गंभीर सड़क दुर्घटना के बाद पॉलीट्रॉमा की स्थिति में भर्ती कराया गया था और उसका उपचार स्थापित चिकित्सीय मानकों के अनुरूप किया गया।
गंभीर चोटों के बीच विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम कर रही थी इलाज
अस्पताल के अनुसार, मरीज के सिर, मस्तिष्क, गर्दन, रीढ़, फेफड़ों और पैर सहित शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें और फ्रैक्चर थे। इलाज के दौरान वरिष्ठ न्यूरोसर्जन, ऑर्थोपेडिक सर्जन, क्रिटिकल केयर विशेषज्ञों और अन्य चिकित्सकों की टीम की निगरानी में आईसीयू में उपचार किया गया। मरीज को वेंटिलेटर सपोर्ट, ब्लड ट्रांसफ्यूजन, ऑपरेशन, डिब्राइडमेंट समेत सभी आवश्यक चिकित्सकीय सुविधाएं उपलब्ध कराई गईं।
अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि मरीज के बाएं पैर में रक्त संचार पूरी तरह बाधित हो गया था और संक्रमण लगातार बढ़ रहा था। चिकित्सकों ने पिछले चार दिनों से कई बार पैर काटने (एम्प्यूटेशन) की सलाह दी, लेकिन परिजनों ने इसके लिए सहमति नहीं दी। अस्पताल का दावा है कि यह पूरी प्रक्रिया और परिजनों की असहमति का रिकॉर्ड चिकित्सीय दस्तावेजों में दर्ज है।
हंगामे से सेवाएं प्रभावित होने का आरोप, जांच में सहयोग का दावा
राज अस्पताल ने कहा कि मरीज की गंभीर स्थिति दुर्घटना में लगी जानलेवा चोटों और उनसे उत्पन्न जटिलताओं का परिणाम है, न कि इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही का। अस्पताल के अनुसार उपचार के हर चरण में मरीज के परिजनों को स्वास्थ्य की स्थिति, संभावित जोखिम और उपचार योजना की जानकारी दी जाती रही।
प्रबंधन ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान मरीज के परिजनों ने अस्पताल परिसर में हंगामा और विरोध-प्रदर्शन किया, जिससे कई घंटों तक अस्पताल की सामान्य सेवाएं प्रभावित हुईं और अन्य मरीजों के इलाज में भी व्यवधान उत्पन्न हुआ। अस्पताल का कहना है कि ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों का घेराव भी किया गया, लेकिन इसके बावजूद मरीज के इलाज में कोई कमी नहीं आने दी गई।
अस्पताल ने बताया कि 4 जुलाई 2026 को गठित सरकारी जांच टीम ने मामले की जांच की, जिसमें अस्पताल प्रशासन और इलाज कर रहे डॉक्टरों ने पूरा सहयोग किया। प्रबंधन के अनुसार जांच टीम को सभी चिकित्सीय रिकॉर्ड, दस्तावेज और आवश्यक जानकारी उपलब्ध करा दी गई है। अस्पताल ने निष्पक्ष जांच पर विश्वास जताते हुए कहा कि वह जांच एजेंसियों के साथ पूरी तरह सहयोग करता रहेगा।