AIIMS Deoghar Rest House: देवघर में इलाज के लिए दूर-दराज से एम्स देवघर पहुंचने वाले मरीजों के परिजनों को जल्द ठहरने की बेहतर सुविधा मिल सकेगी. एम्स देवघर ने अस्पताल परिसर में विश्राम गृह बनाने और उसके संचालन के लिए सेवादान आरोग्य फाउंडेशन के साथ समझौता किया है.
इस परियोजना के तहत अस्पताल परिसर में करीब 1935 वर्गमीटर जमीन पर आधुनिक विश्राम गृह विकसित किया जाएगा. यहां 100 लोगों के लिए डॉरमेटरी, 20 अलग-अलग कमरे और 100 लोगों की क्षमता वाला डाइनिंग हॉल बनाया जाएगा.
लंबे इलाज के दौरान तीमारदारों को मिलेगी राहत
एम्स में भर्ती मरीजों के साथ कई परिजनों को कई दिनों तक रुकना पड़ता है. अभी बाहर से आने वाले परिवारों को ठहरने के लिए होटल, लॉज या किराये के कमरे तलाशने पड़ते हैं. इससे आर्थिक बोझ के साथ आने-जाने की परेशानी भी बढ़ जाती है.
प्रस्तावित विश्राम गृह शुरू होने के बाद तीमारदारों को अस्पताल परिसर में ही सुरक्षित, साफ-सुथरी और किफायती आवासीय सुविधा मिल सकेगी. एम्स प्रशासन ने बताया कि इसका शुल्क रियायती रखा जाएगा, ताकि कमजोर आर्थिक पृष्ठभूमि वाले परिवार भी इसका उपयोग कर सकें.
CSR फंड से होगा निर्माण
विश्राम गृह के निर्माण का पूरा खर्च सेवादान आरोग्य फाउंडेशन अपनी कॉरपोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी योजना के तहत उठाएगा. संस्थान के अनुसार भूमि सर्वेक्षण और मिट्टी परीक्षण पूरा कर लिया गया है. भवन का डिजाइन तैयार किया जा रहा है और आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी होने के बाद निर्माण शुरू होगा.
एमओयू पर अधिकारियों की मौजूदगी में हस्ताक्षर
समझौते पर एम्स देवघर के कार्यकारी निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी प्रो. डॉ. नितिन एम. गंगने, उपनिदेशक प्रशासन लेफ्टिनेंट कर्नल अभिक दास और अधीक्षण अभियंता देवानंद झा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए.
अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना मरीज-केंद्रित स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करेगी. विश्राम गृह शुरू होने पर हर साल हजारों मरीजों और उनके परिजनों को प्रत्यक्ष लाभ मिलने की उम्मीद है.