Chandil: झारखंड में लॉटरी पर प्रतिबंध होने के बावजूद सरायकेला-खरसावां जिले के चांडिल थाना क्षेत्र में अवैध लॉटरी का कारोबार खुलेआम संचालित होने का आरोप सामने आया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजारों और कई मोहल्लों में प्रतिबंधित लॉटरी की बिक्री लगातार जारी है, लेकिन इस पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि अवैध लॉटरी के कारण कई परिवार आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। दिहाड़ी मजदूर और कम आय वाले लोग अपनी मेहनत की कमाई लॉटरी में गंवा रहे हैं, जिससे घरों में विवाद और आर्थिक तंगी बढ़ रही है। कई लोग कर्ज के बोझ तले भी दबते जा रहे हैं।
युवा और मजदूर वर्ग पर सबसे अधिक असर
स्थानीय लोगों के अनुसार, इस अवैध कारोबार का सबसे अधिक असर युवाओं और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में कई लोग लॉटरी के चक्कर में पड़ रहे हैं, जिससे उनका आर्थिक और सामाजिक जीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि समय-समय पर छापेमारी की बात तो होती है, लेकिन इसका कोई स्थायी असर देखने को नहीं मिलता। उनका आरोप है कि कुछ समय के लिए कारोबार बंद होता है और फिर दोबारा शुरू हो जाता है। इस कारण लोगों में प्रशासन की कार्रवाई को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
पुलिस ने लोगों से मांगी सूचना
मामले पर चांडिल थाना प्रभारी संतन तिवारी ने कहा कि अवैध लॉटरी संचालित होने की सूचना मिल रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि कहीं भी इस तरह की गतिविधि दिखाई दे तो तत्काल पुलिस को सूचना दें। उन्होंने कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस आवश्यक कानूनी कार्रवाई करेगी। सरायकेला-खरसावां के पुलिस अधीक्षक ने भी स्पष्ट किया है कि जिले में किसी भी प्रकार के अवैध कारोबार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
ग्रामीणों ने विशेष अभियान चलाने की मांग की
ग्रामीणों और सामाजिक संगठनों ने जिला प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से अवैध लॉटरी कारोबार पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है। उनका कहना है कि नियमित छापेमारी और सख्त कार्रवाई से ही इस प्रतिबंधित कारोबार पर प्रभावी रोक लगाई जा सकती है।