Ranchi: झारखंड की राजधानी रांची में ऑनलाइन निवेश के नाम पर एक बुजुर्ग को करोड़ों रुपये के मुनाफे का सपना दिखाकर साइबर अपराधियों ने लाखों रुपये की ठगी कर ली। कांटा टोली निवासी 74 वर्षीय मो. मनसुरुल हक से कथित निवेश प्लेटफॉर्म के जरिए 4.70 लाख रुपये ऐंठ लिए गए। मामले की शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को आशंका है कि इस वारदात के पीछे अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगों का नेटवर्क सक्रिय है।
फेसबुक विज्ञापन से शुरू हुई ठगी की कहानी
पुलिस के अनुसार, मो. मनसुरुल हक ने फेसबुक पर ऑनलाइन ट्रेडिंग से जुड़ा एक विज्ञापन देखा था। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद उन्होंने अपनी जानकारी साझा की, जिसके बाद विदेशी व्हाट्सएप नंबरों से संपर्क कर उन्हें निवेश पर भारी मुनाफे का भरोसा दिलाया गया। 23 मार्च 2026 को उनसे रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर 20,999 रुपये जमा कराए गए। इसके बाद खुद को निवेश सलाहकार बताने वाले अभिराम शर्मा ने एक ऑनलाइन ट्रेडिंग डैशबोर्ड उपलब्ध कराया, जिसमें निवेश पर लगातार बढ़ता हुआ लाभ दिखाया जाता रहा। पीड़ित का भरोसा मजबूत करने के लिए 31 मार्च को उनके बैंक खाते में 467.25 रुपये भी ट्रांसफर किए गए। इसके बाद उन्हें बताया गया कि उनका निवेश तेजी से बढ़ रहा है और भविष्य में बड़ी रकम मिलने वाली है।
राशि निकालने पर मांगे गए 4.70 लाख रुपये
जब पीड़ित ने मई महीने में अपनी जमा राशि निकालने की कोशिश की, तब ठगों ने दावा किया कि उनका निवेश 15,195 अमेरिकी डॉलर हो चुका है और उस पर 94,804 अमेरिकी डॉलर का मुनाफा मिला है। हालांकि पूरी राशि जारी करने के लिए ब्लॉकचेन गेटवे शुल्क और करेंसी कन्वर्जन चार्ज के नाम पर 4,70,459 रुपये जमा करने की मांग की गई। लगातार अतिरिक्त पैसे मांगे जाने पर पीड़ित को संदेह हुआ। मित्र से सलाह लेने के बाद उन्हें एहसास हुआ कि वे साइबर ठगी का शिकार हो चुके हैं।
साइबर थाना में दर्ज हुआ मामला
ठगी की जानकारी मिलने के बाद पीड़ित ने 6 जुलाई को रांची साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की पहचान के साथ अंतरराष्ट्रीय साइबर नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।