Ranchi News : झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर मिशन (PM-ABHIM) के तहत 385 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी गई है। इस राशि से राज्य में नए क्रिटिकल केयर ब्लॉक, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर, पब्लिक हेल्थ यूनिट और स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण किया जाएगा।
योजना की कुल लागत 385 करोड़ रुपये है, जिसमें केंद्र सरकार 231 करोड़ रुपये और राज्य सरकार 154 करोड़ रुपये का योगदान देगी। दोनों सरकारों की हिस्सेदारी 60:40 के अनुपात में होगी।
स्वास्थ्य ढांचे को मिलेगा आधुनिक स्वरूप
योजना के तहत भवनविहीन स्वास्थ्य उपकेंद्रों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा शहरी क्षेत्रों में नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर स्थापित होंगे, जबकि प्रखंड स्तर पर पब्लिक हेल्थ यूनिट और जिला स्तर पर अत्याधुनिक पब्लिक हेल्थ लैब विकसित की जाएंगी।
गंभीर मरीजों के इलाज की सुविधा बढ़ाने के लिए जिला अस्पतालों में 50 और 100 बेड वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक बनाए जाएंगे। वहीं सरकारी मेडिकल कॉलेजों में भी 50 बेड क्षमता वाले क्रिटिकल केयर ब्लॉक स्थापित किए जाएंगे।
शहरी स्वास्थ्य सेवाओं पर सबसे अधिक खर्च
योजना के तहत शहरी स्वास्थ्य सेवाओं के विकास पर सबसे अधिक 238.70 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा अनुसूचित जाति विशेष योजना के लिए 46.20 करोड़ रुपये तथा जनजातीय क्षेत्र उपयोजना के लिए 100.10 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं।
30 सितंबर 2026 तक बढ़ी योजना की अवधि
केंद्र सरकार ने PM-ABHIM की अवधि 30 सितंबर 2026 तक या 16वें वित्त आयोग की समीक्षा पूरी होने तक बढ़ा दी है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस योजना के तहत किसी अन्य सरकारी योजना के कार्यों का दोहराव नहीं किया जाएगा।
राशि की निकासी भारतीय रिजर्व बैंक के ई-कुबेर प्लेटफॉर्म और SNA SPARSH प्रणाली के माध्यम से की जाएगी। योजना की निगरानी स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव करेंगे। राज्य स्तर पर निदेशक प्रमुख, स्वास्थ्य सेवाएं और जिला स्तर पर संबंधित सिविल सर्जन योजना के क्रियान्वयन एवं व्यय के लिए जिम्मेदार होंगे। योजना के तहत होने वाले सभी खर्चों का ऑडिट भारतीय अंकेक्षण एवं लेखा विभाग तथा राज्य वित्त विभाग द्वारा किया जाएगा।