Ranchi University Digital System: रांची विश्वविद्यालय अब शैक्षणिक और प्रशासनिक व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है. नई शिक्षा नीति 2020 के तहत विश्वविद्यालय की पारंपरिक कागजी प्रक्रिया को चरणबद्ध तरीके से कम किया जाएगा. इसके लिए विश्वविद्यालय को केंद्र और राज्य सरकार की पहल "ई-समर्थ" पोर्टल से जोड़ा जा रहा है.
विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद परीक्षा, छात्र रिकॉर्ड, आवेदन, प्रमाणपत्र और अन्य प्रशासनिक काम एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म से संचालित होंगे. इससे फाइलों पर निर्भरता कम होगी और छात्रों को सेवाएं अधिक तेज, आसान और पारदर्शी तरीके से मिल सकेंगी.
पहले परीक्षा शाखा होगी पूरी तरह डिजिटल
रांची विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार डॉ. राजकुमार शर्मा ने बताया कि शुरुआत में परीक्षा शाखा को डिजिटल करने पर फोकस किया जा रहा है. परीक्षा फॉर्म भरने, अलग-अलग आवेदनों और डिग्री वितरण की प्रक्रिया को ऑनलाइन किया जाएगा.
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में छात्रों को डिजिटल माध्यम से डिग्री उपलब्ध कराने की भी योजना है. फिलहाल प्रवेश प्रक्रिया और परीक्षा फॉर्म ऑनलाइन भरे जा रहे हैं. परीक्षा कार्यक्रम और अन्य जरूरी सूचनाएं भी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर जारी होती हैं. अब अन्य विभागों को भी ई-समर्थ पोर्टल से जोड़ने की तैयारी चल रही है.
एक प्लेटफॉर्म पर मिलेगा पूरा शैक्षणिक रिकॉर्ड
डिजिटल सिस्टम लागू होने के बाद छात्रों का शैक्षणिक रिकॉर्ड सुरक्षित रूप से ऑनलाइन उपलब्ध रहेगा. इससे दस्तावेजों के गुम होने की आशंका कम होगी और रिकॉर्ड प्रबंधन भी आसान बनेगा. विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ जवाबदेही भी बढ़ेगी.
विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि इस बदलाव से छात्रों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. प्रमाणपत्र, आवेदन और परीक्षा से जुड़ी सेवाएं पहले की तुलना में जल्दी मिल सकेंगी.
पुराने रिकॉर्ड और तकनीकी ढांचा बड़ी चुनौती
हालांकि डिजिटल व्यवस्था लागू करना विश्वविद्यालय के लिए आसान नहीं होगा. वर्षों पुराने दस्तावेजों का डिजिटलीकरण, कर्मचारियों को नई तकनीक का प्रशिक्षण, मजबूत आईटी ढांचा और निर्बाध इंटरनेट सेवा उपलब्ध कराना बड़ी चुनौती है. डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एस. एन. मुंडा ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था तभी प्रभावी होगी, जब तकनीकी संसाधनों और मानव संसाधन दोनों को समान रूप से मजबूत किया जाए.
छात्रों का कहना है कि देश के कई विश्वविद्यालय पहले से डिजिटल सिस्टम पर काम कर रहे हैं. ऐसे में रांची विश्वविद्यालय की यह पहल लंबे समय से महसूस की जा रही जरूरत को पूरा करेगी. ऑनलाइन व्यवस्था से समय बचेगा और शैक्षणिक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी.