Dhanbad News : हीरापुर मौजा स्थित 18 कट्ठा सरकारी जमीन से जुड़े बहुचर्चित मामले में लोकायुक्त ने एक बार फिर कार्रवाई तेज कर दी है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार गुप्ता ने राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव, धनबाद के उपायुक्त और एलआरडीसी से सरकारी जमीन वापस लेने तथा मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
यह मामला वर्ष 2011 में लोकायुक्त के समक्ष पहुंचा था। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि सरकारी जमीन का दाखिल-खारिज कर उसे एक निजी व्यक्ति के नाम कर दिया गया, जिसके बाद उस जमीन पर बहुमंजिला इमारत का निर्माण भी कराया गया।
2023 में राजस्व परिषद ने आयुक्त का आदेश किया था निरस्त
लोकायुक्त के निर्देश पर तत्कालीन धनबाद उपायुक्त ने जांच कर शिकायत को सही पाया था और अपनी रिपोर्ट में कई अनियमितताओं का उल्लेख किया था। हालांकि बाद में तत्कालीन उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त ने उपायुक्त की रिपोर्ट को पलटते हुए संबंधित पक्ष के पक्ष में आदेश पारित कर दिया।
इसके बाद लोकायुक्त ने मामले को राजस्व परिषद के पास भेजा। वर्ष 2023 में सुनवाई के दौरान राजस्व परिषद ने आयुक्त के आदेश को निरस्त कर लोकायुक्त की टिप्पणियों का समर्थन किया और मामले में दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी।
अब लंबित मामले की समीक्षा करते हुए लोकायुक्त ने संबंधित विभागों से ताजा स्थिति रिपोर्ट तलब की है। रिपोर्ट में सरकारी जमीन की वर्तमान स्थिति, उसे वापस लेने के लिए उठाए गए कदम और संबंधित अधिकारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी मांगी गई है।